हल्द्वानी। जमरानी बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे आठ गांवों के करीब 142 परिवारों का पुनर्वास किया जाना है। शासन स्तर पर पुनर्वास की कार्रवाई तेज किए जाने के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया है। हाल में सिंचाई अधिकारियों ने किच्छा और पंतनगर के बीच खुरपिया और प्राग फार्म, सितारगंज जेल परिसर, टमकपुर, खटीमा आदि इलाकों में सरकारी और खाली पड़ी जमीन की तलाश की।
बताया गया है कि बांध विस्थापितों के लिए करीब 400 एकड़ जमीन की जरूरत है इतनी जमीन एकमुश्त सितारगंज में उपलब्ध है। सितारगंज में बसाए जाने पर सभी ग्रामीणों को एक ही जगह पर सभी सुविधाएं मिल सकेंगी। डीएम स्तर पर अब भूमि का आंकलन, प्रभावितों के लिए मुआवजे का प्रबंध आदि के लिए कमेटी गठित की जा रही है। सिंचाई अधिकारियों के मुताबिक सितारगंज की भूमि को प्राथमिकता में लिया जा रहा है।
दो तीन स्थानों पर जमीन देखी गई है और प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई है। अब प्रशासन के स्तर पर भूमि का आंकलन और डूब प्रभावितों के मुआवजे आदि का आंकलन किया जाएगा। शासन के निर्देश पर राजस्व टीम की मौजूदगी में पुनर्वास के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। - एमसी पांडेय, मुख्य अभियंता सिंचाई।
सम्मानित होंगे अभियंता पांडे और शुक्ल
हल्द्वानी। जमरानी बांध निर्माण संगठन भौर्सा (अमृतपुर) ने जमरानी बांध परियोजना के काम में आई तेजी के लिए सिंचाई मुख्य अभियंता मोहन चंद्र पांडेय और संजय शुक्ल को श्रेय दिया है। दोनों अभियंताओं को 15 नवंबर को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। समिति संयोजक डॉ. केदार पलड़िया, महासचिव हरीश पलड़िया और धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि अधीक्षण अभियंता संजय शुक्ल ने 1999 में उत्तरकाशी के मनेरी भाली परियोजना में पहली पोस्टिंग से ही परियोजना के काम को नजदीक से देखा है।
राज्य स्थापना के बाद सुगम में रुड़की स्थानांतरण होने पर क्षेत्रीय जनता की मांग पर उन्हें मनेरी भाली परियोजना पर के कार्य पर ही तैनात रहने दिया गया। नौ साल तक परियोजना में काम किया। तत्कालीन सिंचाई मंत्री मातवर सिंह कंडारी ने उनकी पोस्टिंग जमरानी परियोजना में बतौर एसई कराई। उन्होंने 2008 से जमरानी के काम को आगे बढ़ाया मगर यूपी से जल बंटवारे पर सहमति नहीं होने की वजह से मंजूरी में विलंब हुआ। 2018 में जमरानी की कमान शुक्ल को सौंपने के बाद उन्होंने फारेस्ट क्लीयरेंस, कास्ट क्लीयरेंस, वन एवं पर्यावरण क्लीयरेंस दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।