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जमरानी बांध: पानी के बंटवारे के लिए एमओयू पुनरीक्षण

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जमरानी बांध के संबंध में उत्तरप्रदेश के अधिकारियों के साथ बैठक करते सिंचाई मुख्य अभियंता और अन्? - फोटो : HALDWANI
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हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना को लेकर एशियन डेवलेपमेंट बैंक के निर्देश पर उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के सिंचाई अधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में जमरानी बांध परियोजना के एमओयू का पुनरीक्षण किया गया। कई बिंदुओं पर सहमति के बाद दोनों राज्यों के अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर प्रस्ताव केंद्रीय जलायोग और एडीबी को भेज दिया है।
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सिंचाई मुख्य अभियंता दफ्तर में हुई दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक में तय हुआ कि जमरानी बांध से पेयजल के लिए भाबर को 42.70 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी दिया जाएगा। बांध बनने के बाद भी वर्तमान की तरह गौला किच्छा, गौला और हरिपुर जलाशयों से उत्तरप्रदेश के बरेली और रामपुर जिलों को पानी की आपूर्ति जारी रहेगी। इन जलाशयों से अतिरिक्त पानी रबी की फसल के लिए उत्तरप्रदेश को दिया जाएगा। इस शर्त पर सहमति के बाद दोनों राज्यों के सिंचाई अधिकारियों ने पुनरीक्षित एमओयू पर हस्ताक्षर किए। यह प्रस्ताव केंद्रीय जलायोग और एडीबी को भेज दिया है। बैठक में मुख्य अभियंता संजय शुक्ल, सिंचाई मंडल बरेली से अधीक्षण अभियंता शरद कुमार सिंह, मुरादाबाद के अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार शर्मा समेत जमरानी बांध निर्माण खंड के अधिकारी मौजूद रहे।
जमरानी के पुनरीक्षित एमओयू पर दोनों राज्यों की सहमति बनी है। एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद इसे केंद्रीय जलायोग को भेज दिया है। तीन दिसंबर को देहरादून में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जमरानी बांध परियोजना को लेकर बैठक होने जा रही है। उस बैठक में भी पुनरीक्षित एमएओयू की प्रति पेश की जाएगी।
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संजय शुक्ल, मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग
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