हल्द्वानी। जमरानी बांध स्थल के तकनीकी परीक्षण के लिए आई विदेशी विशेषज्ञों की टीम ने तीसरे दिन बुधवार को जमरानी योजना से जुड़े विभिन्न जगहों का विश्लेषण किया। टीम ने डूब क्षेत्र में आने वाले विश्व प्रसिद्ध हैड़ाखान मंदिर का भ्रमण कर जानकारी जुटाई।
बुधवार को सबसे पहले विदेशी विशेषज्ञों की टीम मुरकुडिया गांव पहुंची। विशेषज्ञों ने मुरकुडिया स्लाइड के साथ-साथ अन्य संरचनाओं/स्लाइडों को देखा। इसके बाद टीम लूगड पुल पर पहुंची। इस पुल के नीचे तक बांध से बनने वाली झील का फैलाव होगा। टीम ने आगे बढ़कर स्थानीय चट्टानों को देखा एवं मुरकुडिया से आगे विशेषज्ञों ने कलसा व गौला के संगम को देखा तथा स्थानीय जानकारियां जुटाईं। इसके पश्चात टीम ने खन्स्यू में लगे वर्षामापी यंत्र को देखा।
उपमहाप्रबंधक बीबी पांडे ने विशेषज्ञों को खन्स्यू में गौला नदी के संबंध में जानकारी दी। इसके बाद टीम डूब क्षेत्र में आने वाले विश्व प्रसिद्ध हैड़ाखान मंदिर का भ्रमण किया।
इस दौरान विदेशी विशेषज्ञों की टीम में एडीबी की ओर से क्विंटिन शॉ (यूके), सिलव्यू लानोस (फ्रांस) और फेलिक्स सीवेचर (स्पेन) के अलावा जमरानी बांध परियोजना के महाप्रबंधक प्रशांत विश्नोई, उप महाप्रबंधक ललित कुमार, उपमहाप्रबंधक बीबी पांडे, परियोजना प्रबंधक संजय कुमार सिंह, परियोजना प्रबंधक पंकज ढौडियाल, परियोजना प्रबंधक प्रतिभा शंकर संत, परियोजना प्रबंधक हिमांशु पंत, परियोजना प्रबंधक अजय पंत, सहायक परियोजना प्रबंधक शाह नवाज, सहायक परियोजना प्रबंधक सिद्धार्थ पुष्कर, क्षेत्रीय अभियंता भास्कर कांडपाल, क्षेत्रीय अभियंता प्रमोद कुमार, क्षेत्रीय अभियंता धीरज सिंह बेरी, क्षेत्रीय अभियंता सुलोचना कुटियाल, क्षेत्रीय अभियंता अर्चना तिवारी एवं विभिन्न कंपनियों के विशेषज्ञ हाईड्रोलॉजिस्ट एके गोयल, जियोलॉजिस्ट एनके माथुर, डिजाइनर एचके साहू, सिविल इंजीनियर दिव्यांशु राठौर, सिविल इंजीनियर सृष्टि दुबे, सिविल इंजीनियर समीक्षा समीक्षा त्रिपाठी आदि शामिल रहे।