त्योहारी सीजन में शहर जाम के झाम में फंसने लगा है। पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से यह समस्या खड़ी हुई है। मुख्य मार्गों में बेतरतीब खड़े वाहनों से यातायात रैंगने लगा है। पैदल राहगीर भी बचते और बचाते निकलने को मजबूर हैं।
पुलिस और प्रशासन मूक दर्शक बना है। सीपीयू भी सिर्फ सौ रुपये के चालान करने तक सीमित है। यातायात अव्यवस्था का यही हाल रहा तो नवंबर पहले हफ्ते से दीपावली का बाजार सजने पर समस्या और भी गंभीर हो जाएगी।
मंगल पड़ाव से लेकर तिकोनिया तक की सड़क हल्द्वानी की लाइफ लाइन है। यातायात की अव्यवस्था से लाइफ लाइन में अवरोध होने लगा है। यही हाल कालाढूंगी रोड का है।
कालू सिद्ध मंदिर से लेकर पालीकोठी चौराहा तक वाहन रैंगते हैं। सरस मार्केट की पार्किंग छोड़ दी जाए तो पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक पार्किंग नहीं है। व्यावसायिक कांपलेक्स और मॉल में तक पार्किंग नहीं है।
जिनमें पार्किंग हैं भी वहां गोदाम बने हैं। मुख्य मार्गों में अधिकतर जगहों पर फुटपाथ गायब हो चुके हैं। फुटपाथ पर व्यापारियों और सड़क पर ग्राहकों के वाहन का कब्जा है।
कालाढूंगी चौराहा के आसपास आटो और रिक्शा वालों का जमावड़ा रहता है। जिससे राहगीरों को बीच सड़क पर चलना पड़ता है। इस सड़क के दोनों तरफ के फुटपाथ पर सामान सजा रहता है। फुटपाथ के नीचे सड़क पर वाहन खड़े रहते हैं।
मंगल पड़ाव एवं आसपास का भी बुरा हाल है। बेस अस्पताल, थाना, तहसील, एसडीएम कोर्ट के आगे सड़क पर बेतरतीब वाहन खड़े रहते हैं। अस्पताल के बाहर रोडवेज और डग्गामारी के वाहन सवारियां भरने के लिए खड़े रहते हैं।
इससे जाम लग रहा है। आधा किलोमीटर का सफर आधे घंटे में तय होता है। मुख्य बाजारों की सड़क सिकुड़ गई हैं। पटेल चौक और बेस अस्पताल के आगे अवैध पार्किंग होती है। जबकि इन जगहों पर पुलिस ने नो पार्किंग के बोर्ड भी लगाए हैं।