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जेटली ने की थी नैनीताल हाईकोर्ट की स्थापना

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नैनीताल में भाजपा के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेठली 2016 में राजभवन में राज्यपाल केके पॉल साथ में (फा? - फोटो : NAINITAL
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डॉ. गिरीश रंजन तिवारी
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नैनीताल। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का नैनीताल से पुराना और घनिष्ठ संबंध रहा है। जेटली बचपन से ही नैनीताल आते रहे हैं। नैनीताल में हाईकोर्ट की स्थापना में सबसे प्रमुख भूमिका जेटली की ही रही। वर्ष 2000 में नैनीताल आकर आमजनों एवं अधिवक्ताओं के बीच जेटली ने हाईकोर्ट नैनीताल में ही बनाने की घोषणा करते हुए कहा था कि यह उनकी दिली इच्छा है कि हाईकोर्ट नैनीताल में ही बने। इस अवसर पर उन्होंने नैनीताल से बचपन से लगाव होने का भी जिक्र किया था।
नैनीताल में 60-70 के दशक में एक प्रसिद्ध डेंटिस्ट डॉक्टर इंद्र भूषण थे। उनका मल्लीताल रिक्शा स्टैंड के पास क्लीनिक था। इतिहासकार प्रो.अजय रावत बताते हैं कि डॉक्टर भूषण के पुत्र विजय भूषण आईएएस अधिकारी थे। विजय भूषण कॉलेज के दिनों से अरुण जेटली के घनिष्ठ मित्र थे। उन दिनों जेटली अक्सर डॉ.विजय भूषण के घर नैनीताल आया करते थे। उसके बाद भी जेटली का नैनीताल आना-जाना लगा रहा। वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड राज्य की स्थापना हुई तो नैनीताल में राजधानी बनाया जाना लगभग तय था, लेकिन यहां के कुछ लोगों विशेषकर होटल एसोसिएशन के विरोध के बाद राजधानी देहरादून में बनाया जाना तय किया गया।
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इसके बाद हाईकोर्ट की स्थापना को लेकर लोग इसके पक्ष और विरोध में थे। तब इस संबंध में निर्णय लेने के लिए बतौर केंद्रीय कानून मंत्री जेटली स्वयं नैनीताल आए थे। यहां नैनीताल क्लब में उन्होंने शहर के गणमान्य लोगों, आम जनों एवं वकीलों से चर्चा की थी, इसके बाद यहीं उन्होंने यह घोषणा की थी कि हाईकोर्ट नैनीताल में ही बनेगा। 9 नवंबर 2000 को जब राज्य स्थापना के साथ नैनीताल में हाईकोर्ट का उद्घाटन हुआ, तब उस दिन भी जेटली कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
9 सितंबर 2016 को जेटली परिवार के साथ चार दिन के दौरे पर नैनीताल आए थे। तब वे नौकुचियाताल, घोड़ाखाल, मुक्तेश्वर और जागेश्वर भी गए थे। राजभवन में तत्कालीन राज्यपाल केके पॉल ने शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान राज्यपाल के सचिव अरुण ढौडियाल, प्रभारी मंडलायुक्त डीएम दीपक रावत और कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल आदि अधिकारी मौजूद थे। तब वह वित्त मंत्री एवं भाजपा के पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्य थे। उन्होंने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी से राज्य में अगले वर्ष होने वाले चुनावों को लेकर लंबी बातचीत की थी। जेटली ने चुनाव से छह माह पूर्व नैनीताल में ही यह स्पष्ट कर दिया था कि चुनाव से पूर्व भाजपा मुख्यमंत्री की घोषणा नहीं करेगी और सीएम का चयन चुनाव के बाद ही किया जाएगा।
2012 और 2017 के विस चुनाव में हल्द्वानी आए थे जेटली
हल्द्वानी। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट और कुमाऊं मीडिया प्रभारी तरुण बंसल कहते हैं कि 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान अरुण जेटली हल्द्वानी आए थे। उन्होंने वकील, इंजीनियर और डॉक्टरों से बात की थी। विधायक बंशीधर भगत और भाजपा नेता हेमंत द्विवेदी ने कहा कि जेटली का निधन अपूरणीय क्षति है।
ज्योलीकोट से ट्रैकिंग कर जाते थे नैनीताल : अजय
हल्द्वानी। सांसद अजय भट्ट ने कहा कि अरुण जेटली ने उन्हें नैनीताल प्रवास के दौरान बताया था कि वह नौवीं कक्षा से नैनीताल आ रहे थे। जेटली ज्योलीकोट, गेठिया आदि जगहों से ट्रैकिंग कर नैनीताल पहुंचते थे, वह गर्मियों की छुट्टियों में यहां पर लंबा समय गुजारते थे। उनका मसूरी से भी खास रिश्ता रहा। मसूरी में जब ठहरते थे, वहां पर कुछ खास जगह थी, वहां पर ही भोजन करते थे। कई बार मसूरी से भी खाना भी पैक कर दिल्ली तक उनके पास भेजा जाता था।
नौकुचियाताल की सैर के साथ बच्चों को कराई थी कायकिंग
भीमताल (नैनीताल)। अरुण जेटली 10 सितंबर 2016 को पहली बार नौकुचियाताल के लेक रिसोर्ट में राज्यपाल केके पॉल, पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी और अपने परिजनों के साथ पहुंचे थे। हिंदू जागरण मंच के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र सिंह चनौतिया ने बताया कि जब पूर्व वित्त मंत्री जेटली नौकुचियाताल पहुंचे थे। जेटली के निर्देश पर उन्होंने उनके बच्चों को झील में कायकिंग कराई।
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नैनीताल में शोकसभा
नैनीताल। नैनीताल में भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज जोशी, उपाध्यक्ष भूपेंद्र बिष्ट, मोहित साह, अरविंद पडियार, जिला उपाध्यक्ष मीनू बुढलाकोटी, अमिता साह, रानी साह, डॉ.पल्लवी किशोर गहतोड़ी, कविता त्रिपाठी, श्वेता साह, आशा पांडे आदि ने शोक सभा की। भीमताल में भी शोकसभा हुई।
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