हल्द्वानी। बेस अस्पताल की व्यवस्थाएं बीमार हैं। अस्पताल में रोगियों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए खुला जन औषधि केंद्र रविवार को बंद रहता है। डायलिसिस यूनिट को जाने वाली लिफ्ट भी खराब पड़ी है। महीनों से रखा हुआ ऑक्सीजन भंडारण टैंक भी फुटबाल बना हुआ है। इसे एक स्थान से दूसरे स्थान के लिए शिफ्ट किया जा रहा है।
रोगियों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल कॉलेज, बेस अस्पताल आदि जगहों पर केंद्र खोले गए हैं। बेस अस्पताल में खुला जन औषधि केंद्र रविवार को बंद मिला। क्या रविवार को जन औषधि केंद्र बंद रखने का नियम है? इसका स्पष्ट जवाब अस्पताल प्रबंधन नहीं दे सका।
अस्पताल में डायलिसिस यूनिट को जाने वाली लिफ्ट महीनों से खराब है। यहां पर डायलिसिस की 13 मशीनें भी खराब हैं। इसके चलते दिक्कत आती है।
बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीश लाल का कहना है कि ऑक्सीजन भंडारण टैंक के लिए उपयोग कहां पर हो सकता है, उसके लिए एक टीम आकर देख चुकी है। लिफ्ट की खराबी को दूूर करने के संबंध में शासन से पत्राचार किया गया है। बजट आने के बाद मरम्मत कराया जाएगा।
ऑक्सीजन भंडारण टैंक
बेस अस्पताल को ऑक्सीजन भंडारण टैंक कई महीनों से रखा हुआ है। यह टैंक कतर से आया था, लेकिन इसका कोई उपयोग नहीं हो सका है। बस बेस अस्पताल में ऑक्सीजन टैंक की जगह बदलती रहती है। पहले यह टैंक ऑक्सीजन प्लांट के पास रखा गया था, इन दिनों स्थान बदल कर जन औषधि केंद्र के पास रखा गया है।
महिला अस्पताल ऑक्सीजन प्लांट लगाने काम अंतिम चरण में
हल्द्वानी। महिला अस्पताल के पास भी ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर बाहरी निर्भरता कम हो जाएगी। अस्पताल के अंदर ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम अंतिम चरण में है। कोई तकनीकी दिक्कत नहीं आयी तो करीब 15 दिनों के अंदर प्लांट काम करने लगेगा।
कोविड की दूसरी लहर के बाद अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर अपनी व्यवस्था बनाने का काम तेज हुआ। इसी क्रम में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में तीन आक्सीजन प्लांट को लगाया गया है। बेस अस्पताल में भी तीन सौ एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट संचालित हो रहा है। महिला अस्पताल में डेढ़ सौ एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत था। इसके लिए भवन भी बन गया था लेकिन प्लांट नहीं लग सका था। अब प्लांट लगाने का काम अंतिम चरण की तरफ है।
सभी बेडों पर ऑक्सीजन की सुविधा
हल्द्वानी। सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि प्लांट लगाने का काम पूरा होने वाला है। उम्मीद है कि 15 दिनों के अंदर काम पूरा हो सकेगा। अस्पताल की 71 बेडों की क्षमता है, इसमें 16 बेडों पर ऑक्सीजन प्वांइट की सुविधा है। आने वाले दिनों में सभी बेडों पर ऑक्सीजन की सुविधा देने की मंशा है। प्लांट लगने से अस्पताल के पास ऑक्सीजन की उपलब्धता का एक और विकल्प मिल जाएगा।