रामनगर। कालागढ़ वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में बुधवार को कार्यस्थल को सुरक्षित और समावेशी बनाने के लिए कार्यशाला आयोजित हुई। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने पीओएसएच (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम) जागरूकता सत्र का आयोजित किया।
सीटीआर निदेशक डॉ. साकेत बडोला के नेतृत्व में हुई कार्यशाला में अधिकारियों, कर्मचारियों ने को पीओएसएच अधिनियम, नेतृत्व की भूमिका, पेशेवर व्यवहार और अनुचित आचरण के बीच की महीन रेखा और सुरक्षित कार्य संस्कृति के महत्व पर चर्चा की। पार्क वार्डन अमित ग्वासीकोटी ने कार्यस्थल की सुरक्षा को उत्पादकता और मनोबल से जोड़ते हुए कहा कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व न केवल वन्यजीवों के लिए एक अभयारण्य है बल्कि सैकड़ों समर्पित कर्मियों का कार्यस्थल भी है। एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। वहां एसडीओ कालागढ़ बिंदरपाल, एसडीओ सोनानदी अनामिका बुक्करवाल, एसडीओ अदनाला शिप्रा वर्मा, द कॉर्बेट फाउंडेशन के संयोजक हरेंद बर्गली, रेंजर बिजरानी भानु प्रकाश हर्बाेला, रेंजर सर्पदुली, ढिकाला उमेश चंद आर्य, ढेला रेंजर नवीन चंद्र पांडे आदि थे।