अगर आपको मतदाता सूची सत्यापन के दौरान नोटिस मिला है तो घबराने की जरूरत नहीं है। नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि आपका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। निर्वाचन विभाग मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो और अन्य विवरणों में संभावित त्रुटियों की जांच कर रहा है ताकि सूची को अधिक शुद्ध और पारदर्शी बनाया जा सके। मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
नैनीताल जिले की प्रारूप निर्वाचक नामावली में कुल 6,93,325 मतदाता पंजीकृत हैं। सूची के सत्यापन के दौरान अब तक 2,35,085 मतदाताओं के सापेक्ष 1,51,084 मतदाताओं को नोटिस वितरित किए जा चुके हैं। निर्वाचन आयोग ने तकनीकी माध्यमों से मतदाता सूची में संभावित विसंगतियों की पहचान की है। इसमें 1,88,054 मामलों में विसंगतियां मिली हैं जबकि 47,031 मतदाताओं की मैपिंग अभी नहीं हो पाई है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम (प्रशासन) विवेक राय ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में बताया कि प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ऐसे मामलों की जांच और सुनवाई कर रहे हैं।
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नोटिस जारी होने का मतलब नाम हटाना नहीं
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया कि केवल नोटिस जारी होने से किसी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटेगा। प्रत्येक मतदाता को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। आवश्यक दस्तावेज की जांच और सुनवाई के बाद ही नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। सत्यापन के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित 11 दस्तावेजों में से किसी एक दस्तावेज का होना जरूरी है।
नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में 27,700 मतदाताओं को नोटिस
किस काम के लिए कौन सा फॉर्म