नैनीताल। हाईकोर्ट ने देहरादून के एक संस्थान में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले में सुनवाई के बाद केंद्र सरकार को दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र पेश करने के निर्देश देते हुए कहा है कि आज तक अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश करे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 नवंबर की तिथि नियत की है।
मामले की सुनवाई के दौरान संस्थान की ओर से कोर्ट में शपथपत्र पेश कर कहा गया कि संस्थान में छोटे और बड़े बच्चों के रहने के लिए अलग-अलग हॉस्टल की व्यवस्था की जा रही है। छोटे बच्चे के साथ घटित घटना पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून के एक संस्थान में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ व यौन उत्पीड़न के मामले को हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद कोर्ट ने अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा था। संस्थान के छात्रों ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इस पर कार्रवाई करने की मांग की थी।
संगीत टीचर पर छेड़छाड़ व यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। इसके बाद संगीत टीचर पर एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया था। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र पेश करने के निर्देश देते हुए कहा है कि अब तक अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश करे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 नवंबर की तिथि नियत की है।