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कीड़े के काटने से होता है सक्रब टायफस

Tue, 30 Aug 2016 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
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अगर आप काफी दिनों से बुखार से पीड़ित हैं तो सक्रब टायफस की जांच भी करा लें। सक्रब टायफस बेहद खतरनाक बीमारी है और झाड़ियों में पाए जाने वाले माइट नामक कीड़े केे काटने से फैलता है।
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हम आपको डरा नहीं है रहे हैं, बल्कि सजग कर रहे हैं। समय से पता चलने पर सक्रब टायफस का इलाज संभव है।

सुशीला तिवारी अस्पताल में वर्ष 2013-14 में सक्रब टायफस का पहला मामला प्रकाश में आया था। उसके बाद पिथौरागढ़ में भी एक मामला सामने आया था। एसटीएच में सक्रब टायफस से पीड़ित एक मरीज का इलाज चल रहा है।

सक्रब टायफस के जांच की सुविधा सुशीला तिवारी अस्पताल में उपलब्ध है। सक्रब टायफस एक खतरनाक बीमारी है। समय से पता चलने पर सक्रब टायफस का इलाज संभव है।

सक्रब टायफस फैलाने वाला माइट नामक कीड़ा छोटी-छोटी झाड़ियों में मिलता है। ये तराई-भाबर से लेकर पहाड़ के गर्म तलहटी वाले इलाकों में फैलता है।

ये हैं सक्रब टायफस का लक्षण
1 -  तेज बुखार आना।
2 - लंबे समय तक तेज बुखार का रहना।
3 - सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द होना।
4 - उल्टी, दस्त या पेट लंबे समय तक खराब रहना।
5 - बुखार लंबे समय तक रहने पर किडनी एवं लीवर का संक्रमित होना।
6 - शरीर पर काले रंग का सूखा घाव होना।

डेंगू, मलेरिया और टायफायड की जांच में अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है और फिर भी बुखार नहीं उतरता है तो सक्रब टायफस की जांच करा लेनी चाहिए। सक्रब टायफस का समय से पता चलने पर इलाज संभव है। डॉक्सीसाइक्लीन नाम की एंटीबायोटिक से इसका इलाज संभव है।
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- डॉ. नीलांबर भट्ट, वरिष्ठ फिजीशियन/आईएमए अध्यक्ष हल्द्वानी।
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