नैनीताल। युद्ध की आग से झुलस रहे यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में रह रहे छात्र-छात्राओं का अपने परिजनों से लगातार संपर्क बना हुआ है और वह पल-पल की जानकारी परिजनों को दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को इवानो शहर में रह रहे भारतीय विद्यार्थियों के एक दल को सड़क मार्ग से हंगरी तक पहुंचाए जाने और शुक्रवार को अन्य विद्यार्थियों को हंगरी तक पहुंचाने की सूचना मिलने के बाद नैनीताल में रह रहे इन बच्चों के परिजनों ने थोड़ा राहत महसूस की है।
पूर्व विधायक और उक्रांद नेता डॉ. नारायण सिंह जंतवाल की पुत्री उर्वशी और बड़ा बाजार निवासी प्रेम सिंह बिष्ट की पुत्री प्रेरणा इवानो शहर के विश्वविद्यालय में मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। डॉ. जंतवाल और बिष्ट ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिन में कई बार उनकी बच्चों से बात हुई। उर्वशी और प्रेरणा ने परिजनों को बताया कि बृहस्पतिवार को चालीस छात्र-छात्राओं को सड़क मार्ग से हंगरी तक पहुंचाया गया है और अन्य भारतीय छात्र-छात्राओं को शुक्रवार की सुबह आठ बजे तैयार रहने को कहा है। बताया कि अन्य विद्यार्थियों को भी सड़क मार्ग से हंगरी पहुंचाया जाएगा। बच्चों से बातचीत के बाद दोनों के परिजनों ने थोड़ा राहत महसूस की। डॉ. जंतवाल का कहना है कि जब तक बच्चे यूक्रेन का बार्डर क्रास न कर लें तब तक चिंता बनी ही रहेगी।
धमाके से हिले खिड़की दरवाजे
नैनीताल। स्थानीय निवासी विवेक जोशी की पुत्री आयुशी जोशी यूक्रेन के खार्की में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। बृहस्पतिवार को जोशी की आयुशी से फोन पर बातचीत हुई। आयुशी ने परिजनों को बताया कि बुधवार रात वह और उनके साथी अंडरग्राउंड मेट्रो में रहे लेकिन बृहस्पतिवार को वह अपने अपार्टमेंट में चले गए। आयुशी ने बताया कि दोपहर में एक जोरदार धमाका हुआ जिससे उनके अपार्टमेेंट के खिड़की दरवाजे तक हिल गए। कूर्मांचल बैंक के हेड आफिस में कार्यरत जोशी ने बताया कि फिलहाल इवानो क्षेत्र में रह रहे भारतीय छात्र-छात्राओं को वहां से हंगरी तक निकालने की सूचना उन्हें मिली है। अन्य क्षेत्रों में रह रहे भारतीयों को कब तक वहां से सुरक्षित निकाला जाएगा, इसकी जानकारी नहीं है।