सरोवर नगरी में सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश की वजह से समीपवर्ती थापला गांव में पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने के साथ ही दो मकानों को भी खतरा हो गया है।
24 घंटे के भीतर 72 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। बारिश की वजह से हरतपा-हली तथा देवीपुरा-सौड़ मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। इसके अलावा मंगोली-खमारी-जलालगांव मोटर मार्ग केवल पैदल चलने वालों के लिए ही खुल सका है। बारिश की वजह से नैनी झील का जलस्तर 9 फीट 6 इंच से बढ़कर 9 फीट 9 इंच पहुंच गया है।
इधर, मंगलवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। बारिश की वजह से नालों में जमा कूड़ा भी नैनी झील में समा गया। मालरोड समेत कई मुख्य मार्गों में सीवर लाइनें ओवरफ्लो हो गईं।
बारिश की वजह से ग्राम सभा थापला के जोशीखोला तथा चारछीड़ा जलस्त्रोंतो से विभिन्न तोकों को जाने वाले पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस कारण अमटना, जोशीखोला, थापला, घनस्यारी और कठौता के ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
बारिश से नवीन चंद्र जोशी और पूरन चंद्र के मकानों की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त होने से उनके मकानों को खतरा हो गया है।
थापला की ग्राम प्रधान देवकी जोशी समेत कैलाश पंत, केशव पंत, मदन मोहन पंत, गिरीश जोशी ने जल संस्थान के अधिकारियों से जल्द पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। जल संस्थान के ईई जगदीप चौधरी ने बताया कि जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी।