उत्तराखंड न्यायिक एवं विधिक अकादमी उजाला की शाषी परिषद की बृहस्पतिवार को हुई अहम बैठक में वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर 60 लाख रुपये खर्च करने पर सहमति बनी।
यह भी तय हुआ कि उजाला स्थित आडिटोरियम का उपयोग न्याय विभाग साथ ही शैक्षिक और सांस्कृतिक संस्थाएं भी कर सकती हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।
हाईकोर्ट में हुई अहम बैठक में उजाला के निदेशक प्रदीप पंत ने अकादमी की ओर से चलाए जा रहे प्रशिक्षणों की जानकारी दी। कहा इस साल विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 60 लाख रुपये की धनराशि खर्च होने का अनुमान है।
बैठक में मौजूद मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने शासन की ओर से संबंधित धनराशि उपलब्ध कराए जाने पर अपनी सहमति दी।
बैठक में इस बात को भी प्रमुखता से रखा गया कि उजाला में मौजूद आडिटोरियम को अन्य को उपलब्ध कराने की भी अक्सर मांग उठती रही है।
जिस पर तय किया गया कि निर्धारित शुल्क के आधार पर शैक्षिक व सांस्कृतिक संस्थाओं को आडिटोरियम उपलब्ध कराया जा सकता है।
बैठक में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसेफ, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया, रजिस्ट्रार जनरल डीपी गैरोला, उजाला डायरेक्टर प्रदीप पंत, महाधिवक्ता यूके उनियाल, मुख्य सचिव राकेश शर्मा, डीजीपी बीएस सिद्धू, अपर सचिव वित्त अमित नेगी, प्रशासन शैलेश बगौली, प्रमुख सचिव न्याय राम सिंह, डा.महेंद्र सिंह पाल आदि मौजूद थे।