निगम प्रशासन के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में करीब 300 लोगों ने किराया जमा किया है। इस साल किराया बढ़ाने के बाद सालाना आय 1.80 करोड़ रुपये अर्जित की जानी है। इधर, निगम सूत्रों के अनुसार दुकान किराया जमा करने की तिथि बढ़ाने के संबंध में नगर निगम बोर्ड कोई फैसला ले सकता है। इस सप्ताह इसे लेकर बैठक बुलाई जा सकती है।
कोट-
तय अवधि में दुकान किराया जमा कर विलंब शुल्क से बचा जा सकता है। निगम के कर अनुभाग में किराया जमा करने के लिए कर्मचारियों की तैनाती के लिए कर अधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं।
-परितोष वर्मा, नगर आयुक्त