भीमताल। विकासखंड सभागार में मंगलवार को भीमताल ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट के नेतृत्व में क्षेत्र पंचायत की बैठक हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जलसंस्थान और एनएच विभाग की कार्यप्रणाली से परेशान होकर कड़ी नाराजगी जताई। ब्लॉक प्रमुख ने अधिकारियों से कार्यप्रणाली सुधारने के साथ समस्याओं को गंभीरता से हल करने के निर्देश दिए।
अमृतपुर के प्रधान डीके शर्मा ने कहा कि आपदा के बाद से गांव में पानी नहीं आने से ग्रामीण बेहद परेशान हैं लेकिन जलसंस्थान के अधिकारी न ही फोन उठाते हैं और न ही संतोषजनक जवाब देते हैं। साथ ही 40 साल से क्षेत्र में लाइनमैन तक नहीं है। अधौड़ा की प्रधान ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की अनदेखी से ग्रामीण पानी के लिए भटक रहे हैं। इसको लेकर प्रधान ने नाराजगी जताई। बेलवुखान की प्रधान जानकी चमियाल, अलचौना की बीडीसी सदस्य अनीता आर्या, जंगलियागांव प्रधान राधा कुल्याल, डोब ल्वेशाल प्रधान हेमा आर्या, सौनगांव प्रधान लीलावती पलड़िया, प्रधान हरगोविंद सिंह रावत ने भी पानी नहीं आने पर नाराजगी जताई। साथ ही कहा कि बिना पानी के विभाग बिल भेज लोगों को और नाराज कर रहा है। ब्लॉक प्रमुख ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना पानी के कोई भी ग्रामीण बिल नहीं देंगे साथ ही उन्होंने प्रधानों से कहा कि जलसंस्थान और जलनिगम की योजनाओं को चेक करने के बाद ही वह अपने हस्ताक्षर करें। बिष्ट ने अधिकारियों से जल्द पानी की समस्या हल करने को कहा। ज्येष्ठ प्रमुख हिमांशु पांडे ने कहा कि सरियाताल में पर्यटन के नाम पर लोग अवैध रूप से अतिक्रमण कर प्राकृतिक सौंदर्य को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। जिसको लेकर उन्होंने संबंधित विभाग से मानक तय करने को कहा। ब्लॉक प्रमुख बिष्ट ने कहा कि सरियाताल झील के अस्तित्व को बचाने के लिए विभाग को ग्राम पंचायत स्तर से एनओसी लेकर ही काम करना होगा साथ ही उन्होंने पर्यटन के नाम अतिक्रमण करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई करने को कहा। ताकि झील का सौंदर्यीकरण बना रहे।
वहीं बिष्ट ने काठगोदाम से नैनीताल तक एनएच 87 में जगह-जगह हो रहे गड्ढों और कलमटों के खुले होने पर नाराजगी जताते हुए विभागीय अधिकारियों को 30 दिसंबर तक गड्ढों और कलमटों को सही कराने के निर्देश दिए और समस्या हल न होने पर जांच कराने की बात कही। तीन जनवरी तक भीमताल-रानीबाग मार्ग को बंद न करने के लिए लोनिवि के अधिकारियों से कहा ताकि नए वर्ष में पर पर्यटन कारोबार प्रभावित न हो सके। वहीं ऊर्जा निगम के अधिकारियों से 30 दिसंबर तक क्षतिग्रस्त बिजली के पोलों को सही कराने को कहा। बिष्ट ने विभागीय अधिकारियों से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने को कहा।
इस दौरान कनिष्ठ प्रमुख हेमलता मेहरा, पीडी अजय सिंह, बीडीओ रमेश भट्ट, डॉ. दीपाली लालवानी, डॉ. ममता जोशी, बीइओ मान सिंह, डिप्टी बीइओ सुलोहिता नेगी, डॉ. पीएस भंडारी, व्योमा जैन, केएस सामंत, मनोज चनौतिया, ममता बिष्ट, जया बोरा आदि थे।