फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बता गए कि खंडूड़ी तो हैं ही जरूरी

Sat, 03 Sep 2016 12:14 AM IST
सुधाकर भट्ट
विज्ञापन
पर्दाफाश रैली - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पौड़ी सांसद और पूृर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी लालकुआं विधानसभा में भाजपा की पर्दाफाश रैली में यह जताने में कामयाब रहे कि खंडूड़ी जरूरी हैं। पर, बहुत हद तक यह उनका अपना शो था और जनरल के  अपने विश्वासपात्र ही उनके इर्द-गिर्द अधिक थे।
विज्ञापन


बचदा के नाम से जाने जाते पूर्व मंत्री बची सिंह रावत पहली बार किसी पर्दाफाश रैली में खुलकर सामने आए और यह कहने से नहीं चूके कि खंडूड़ी का नेतृत्व जरूरी है। हरिद्वार विधायक मदन कौशिक यह तक कह गये कि खंडूड़ी के आने से यह तो अब लग रहा है कि कुमाऊं में भाजपा जीत की ओर है।

इतना होने पर भी पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और फिजां में तैर रही कई संगठन पदाधिकारियों के रैली में शामिल न होने की चर्चाओं से जाहिर हो गया कि खंडूड़ी को 2017 में चेहरा बनाने में भाजपा आलाकमान क्यों हिचक रहा है।
विज्ञापन


शुक्रवार को लालकुआं में पुल के नजदीक के सभा मैदान में मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी के इस शो में भीड़ भी जुटी। रैली भाजपा की थी पर कांग्रेस पर निशाना साधने से इतर अधिकतर वक्ताओं के होठों पर जनरल की खूबियां का जिक्र था।

इन सबके बीच खंडूड़ी को लेकर भाजपा को अंदरखाने मथ रहे सवाल भी उभर कर सामने आए। पूर्व संगठन मंत्री धन सिंह रावत ने तो साफ कहा कि खंडूड़ी को कश्मीर का राज्यपाल बनाने की चर्चा के जरिये प्रदेश की राजनीति से बाहर करने की साजिश है।

जनरल के स्वास्थ्य पर सवाल उठाया जा रहा है। धन सिंह ने कहा कि खंडूड़ी यहीं रहेंगे और सुबह चार बजे दिल्ली से चलकर लालकु आं पहुंचने वाला व्यक्ति बुजुर्ग नहीं, युवा ही हो सकता है।

खुद खंडूड़ी के हाव भाव उनके समर्थकों को आश्वस्त करने वाला था। खंडूड़ी ने माइक संभाला और सीधे सपाट शब्दों में पर्दाफाश अभियान को गैर जरूरी करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पर्दाफाश तो रोज हो रहा है।

उपस्थित लोगों से सीधे मुखातिब खंडूड़ी ने कहा कि किसी भी तरह के भ्रष्टाचार पर आज चुप बैठे तो अपने और अपनी अगली पीढ़ी के साथ भी अन्याय करोगे।
इतना होने पर भी कई अनसुलझे सवाल रह ही गये।

खंडूड़ी के इस आयोजन में भाजपा के कई जाने पहचाने चेहरे गायब रहे। भाजपा केएक संगठन पदाधिकारी दबी जुबान में यह बताने से नहीं चूके कि मंच पर कुछ मंडल अध्यक्ष नहीं दिखाई दिये। रायपुर विधानसभा के पूर्व विधायक उमेश शर्मा काऊ मंच पर थे और काऊ ने केवल विधानसभा की समस्याओं तक ही खुद को सीमित रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें