कविता बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड सरकार से उसे महिला सशक्तिकरण ब्रांड अंबेसडर की सभी सुविधाएं मिल रही हैं। कविता ने कहा कि आरटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्ढा ने मीडिया में छाने के लिए मानवाधिकार आयोग में झूठी शिकायत दर्ज कराई। उधर, आरटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्डा ने गलती स्वीकार करते हुए कहा कि कविता बिष्ट से बातचीत किए बगैर ही उन्होंने मानवाधिकार आयोग में कविता को ब्रांड एंबेडकर की सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। इसे अब वे वापस ले रहे हैं।
ब्रांड अंबेसडर कविता बिष्ट के मुताबिक नौ मार्च 2015 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री ने राज्य महिला सम्मान से पुरस्कृत कर 40 हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। 22 अगस्त 2016 को महिला सशक्तिकरण की ब्रांड अंबेडसर घोषित किया। निर्भया प्रकोष्ठ में अनुसेवक पद पर तैनाती दी और उसे 21 हजार मासिक वेतन प्रदान किया जा रहा है।
कविता के मुताबिक आरटीआई कार्यकर्ता ने मानवाधिकार आयोग में झूठी शिकायत दर्ज कराई है। मालूम हो कि गुरविंदर सिंह चड्ढा पूर्व में भी कई विवादों में रहे हैं। कुछ महीनों पूर्व टीवी के एक लाइव शो में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने गुरविंदर चड्ढा पर गंभीर आरोप तक लगाए। इसके बाद गुरविंदर चड्ढा ने चुप्पी साध ली।