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कॉर्बेट पार्क में घुसे शिकारी, एक को पकड़ा

Fri, 17 Nov 2017 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर
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कॉर्बेट नेशनल पार्क बारिश के दिनों में बंद कर दिया जाता है। - फोटो : अमरउजाला
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रामनगर(नैनीताल)। कॉर्बेट नेशनल पार्क में शिकारियों की घुसपैठ हुई है। आनन-फानन एक शिकारी को पकड़ लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। बता दें कि इससे पहले भी इसी क्षेत्र में बाघ का शिकार करने पर दो बार बावरिया गिरोह के शिकारी पकड़े जा चुके हैं। पकड़े गए शिकारी के साथ कितने लोग थे, पार्क प्रशासन इसकी जांच में जुटा है। इसके लिए काशीपुर रेलवे स्टेशन सहित आसपास की सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों को खंगाला जा रहा है। 
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सूत्रों के अनुसार शिकारी कोटद्वार रोड आवासीय बस्ती के आसपास से पार्क क्षेत्र में घुसे हैं। पकड़ा गया व्यक्ति अपना नाम शुभम बताने के साथ ही पंजाबी बोल रहा है। वह पंजाब-हरियाणा के आसपास का बताया जा रहा है।

उसके पास से फिनाइल भी बरामद किया गया है। उससे पार्क के अंदर ही पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार बुधवार को देर शाम बिजरानी रेंज के सेमलचौड़ क्षेत्र में चौकी के आगे शिकारी को पकड़ा गया है। इसकी सूचना वनकर्मियों ने उच्च अधिकारियों को दी, जिससे पार्क प्रशासन में हड़कंप मच गया। पूछताछ बड़े ही गोपनीय ढंग से की जा रही है। शिकारियों की संख्या तीन से चार होने की आशंका पर जंगल में शिकारियों की खोज के लिए कांबिंग की जा रही है।
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बता दें कि इससे पहले इसी रेंज में 2008 में बावरिया गिरोह का दरिया नाम का शिकारी पकड़ा गया था। साथ ही 24 मई 2012 को बाघ का शिकार होने के साथ ही इस शिकार में लिप्त गिनिया, रमेश, प्रिया, गोपी, बाल्कू, तारा चंद व दरिया समेत सात शिकारियों को पकड़ा गया था। सभी को सजा हो चुकी है। इस बारे में पार्क के निदेशक सुरेंद्र मेहरा और उप निदेशक अमित वर्मा को कई बार फोन कर जानकारी लेने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

पार्क की सुरक्षा में ड्रोन हुआ फेल
रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट नेशनल पार्क ने सुरक्षा के लिए दो ड्रोन लिए हैं। लेकिन ये ड्रोन पार्क की सुरक्षा करने में फेल साबित हुए हैं। अधिकारियों ने दावे किए थे कि ये ड्रोन पार्क में वन्यजीवों की सुरक्षा और शिकारियों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाएंगे। लेकिन रात्रि विश्राम के लिए पार्क खुलते ही 15 नवंबर को ही शिकारियों ने घुसकर सुरक्षा व्यवस्थाओं को धता बता दिया है। कॉर्बेट में अभी तक बीट पुनर्गठन नहीं हो पाया है। इसके साथ ही स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स एसटीपीएफ का भी गठन नहीं हो पाया है। 
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