हल्द्वानी। विधानसभा चुनाव की घोषणा होने में कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में विधायक से लेकर मंत्रियों तक में सड़क बनाने की होड़ लगी हुई है। लोक निर्माण विभाग भी दबाव के चलते मानकों को ताक पर रखकर सड़कें बना रहा है। ठेकेदार भी लोनिवि अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगा रहे हैं। कई जगह सड़कों से डामर उखड़ने लगा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि ये चुनावी सड़कें कितने महीने तक टिकेंगी।
ठेकेदारों का कहना है कि राज्य में 15 नवंबर से 15 फरवरी तक तापमान काफी कम रहता है। इस सीजन में शासन पूर्व में ही डामरीकरण न करने के बारे में कह चुका है। ठेकेदार राजेंद्र नेगी, योगेश तिवारी आदि लोनिवि को लिखित शिकायत भी कर चुके हैं। उनका आरोप है कि तापमान कम होने पर डामर अच्छे से पकड़ नहीं बना पा रहा है। इससे जगह-जगह सड़कें उखड़ रही हैं। इसके बाद भी लोनिवि के अधिकारी डामरीकरण के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे ठेकेदारों को नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
क्या हैं मानक
लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी ने बताया कि मानकों के अनुसार 12 डिग्री सेंटीग्रेट से कम तापमान होने पर डामरीकरण नहीं किया जाता है। कहा कि रात में ओस पड़ती है। इस कारण भी डामरीकरण रात में नहीं हो सकता है।
इन सड़कों पर उखड़ गया डामर
लोक निर्माण विभाग ने रात में कालाढूंगी रोड पर डामर की एक लेयर बिछाई थी, जो कि 10 घंटे भी नहीं टिक पाई। उस समय लोनिवि के अधिकारियों ने तापमान कम होने की बात कही थी। उधर समाज कल्याण निदेशालय को जाने वाली सड़क का भी हाल है। यहां भी कई जगह डामर उखड़ने लगा है। इसी तरह कई सड़कें उखड़ने की शिकायत आ रही हैं।
15 नवंबर के बाद बनी करीब 24 किमी सड़क
लोक निर्माण विभाग ने 15 नवंबर के बाद करीब 24 किमी सड़क का डामरीकरण किया है। अब भी कई जगह डामरीकरण का काम चल रहा है। लोगों का आरोप है कि नई सड़कें कई जगह से उखड़ रही हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
ठेकेदारों पर डामरीकरण के लिए कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है। दिन का तापमान डामरीकरण के लिए ठीक है लेकिन रात का तापमान कम हो रहा है। ठेकेदारों को तापमान सहीं नहीं होने तक सड़क पर पत्थर बिछाने का काम करने चाहिए। - अशोक चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि