नैनीताल। हाइकोर्ट ने शिक्षा विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दी गई एसीपी की रिकवरी पर अंतरिम आदेश तक रोक लगाते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार भरत नंदन, हरीश पंत और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वे शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं। याचिका में कहा गया कि विभाग ने शासनादेश के आधार पर उन्हें वर्ष 2011 में एसीपी का भुगतान किया था लेकिन अब विभाग उनसे इसकी रिकवरी कर रहा है।
याचिकाकर्ताओं ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकर्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय के स्टेट ऑफ पंजाब बनाम रफीक मशीह के केस पर दिए गए आदेश का हवाला देते हुए कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से रिकवरी करना गलत है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने शिक्षा विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दी गई एसीपी की रिकवरी पर अंतिरम आदेश तक रोक लगाते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।