नैनीताल। हाईकोर्ट ने एनसीसी अकादमी को देवप्रयाग ब्लॉक के श्रीकोट माल्डा से पौड़ी शिफ्ट करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। टिहरी निवासी गबर सिंह बंगारी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने माल्डा देवप्रयाग में एनसीसी प्रशिक्षण संस्थान की स्वीकृति प्रदान की थी।
तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने 2014-2015 में बकायदा संस्थान का शिलान्यास भी कर दिया था। ग्रामीणों ने संस्थान के लिए अपनी भूमि दान में दी थी। याचिका में कहा कि इसकी डीपीआर भी बन चुकी थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
वर्तमान भाजपा सरकार ने एनसीसी अकादमी को पौड़ी शिफ्ट कर दिया है। इसका फिर से शिलान्यास भी कर दिया गया है। याचिका में कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का गृह जनपद होने के चलते अकादमी को पौड़ी स्थानांतरित किया गया है। याचिका में वर्तमान सीएम को भी पक्षकार बनाया गया है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने केंद्र सरकार व राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।