हाईकोर्ट ने दाबका नदी क्षेत्र में अवैध खनन के दौरान प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा प्रभारी कल्याणी और अन्य अफसरों से अभद्रता करने, राजकीय कार्यों में बाधा डालने के मामले में याचिकाकर्ता को 14 मई को जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता कुलविन्दर सिंह उर्फ किन्दा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। आरोप था कि 29 अप्रैल, 2015 को मुखबिर की रामनगर दाबका नदी में अवैध खनन की सूचना पर रेंज तराई पश्चिम वन प्रभाग अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेसीबी मशीन समेत कई टैक्टर-ट्रालियों से अवैध खनन कर रहे लोग विभागीय टीम को देखकर भागने लगे। आरोप था कि कुलविन्दर सिंह उर्फ बिंदा चार-पांच वाहनों और 40-50 अन्य अज्ञात लोगों के साथ डंडे, तलवार लहराते वहां पहुंचे और वाहनों को घेरकर धमकाने, गाली-गलौज करने लगे। मामले की एफआईआर विभाग की ओर से की गई थी।