हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से डिग्री काॅलेजों के प्राध्यापकों की ड्यूटी पंचायत चुनाव में पीठासीन अधिकारी के रूप में लगाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश के आधार पर निस्तारित कर दिया है।
नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से डिग्री काॅलेजों के प्राध्यापकों की ड्यूटी पंचायत चुनाव में पीठासीन अधिकारी के रूप में लगाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश के आधार पर निस्तारित कर दिया है। जिसमें कहा गया था कि जिनकी ड्यूटी लगाई गई है उन्हें ड्यूटी करनी होगी।
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न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार कई डिग्री कॉलेजों के प्राध्यापकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वे प्रथम श्रेणी के कर्मचारी हैं। ऐसे में उनकी ड्यूटी चुनाव में नहीं लगाई जा सकती है। याचिका में कहा कि चुनाव में पीठासीन अधिकारी वह होता है जो द्वितीय श्रेणी का कर्मचारी हो। लेकिन कॉलेज के प्राध्यापकों की श्रेणी क्लास एक की होती है।
उनका रैंक पीठासीन अधिकारी से उच्च होता है। ऐसे में उन्हें पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी पर न लगाया जाए। सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूर्व के आदेश के क्रम में उनकी याचिका को निस्तारित करते हुए कोर्ट ने पूर्व के आदेश को आधार मानते हुए कहा कि जिनकी ड्यूटी लगी हुई है उन्हें ड्यूटी करनी होगी।