नैनीताल। हाईकोर्ट ने रामनगर के आमडंडा खत्ता के निवासियों को बिजली, पेयजल और विद्यालय जैसी मूलभूत सुविधाएं दिलाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद अगली सुनवाई के लिए 18 मई की तिथि नियत की है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष वत्सल फाउंडेशन की सचिव श्वेता मासीवाल की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया था कि आमडंडा क्षेत्र में विद्युतीकरण के लिए 2015 में धनराशि आवंटित हो चुकी थी। संयुक्त निरीक्षण के अनुसार आमडंडा में विद्युतीकरण के लिए एक भी पेड़ नहीं काटा जाना है।
केंद्र सरकार के नियमों के तहत प्रति हेक्टेयर 75 से अधिक पेड़ काटे जाने पर वन ग्राम में विद्युतीकरण के लिए केंद्र सरकार की अनुमति की आवश्यकता होती है। यहां 2015 से आज तक विद्युतीकरण नहीं हो पाया है। इसी तरह आमडंडा में पेयजल को लेकर भी वर्ष 2012 से आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। आमडंडा खत्ता के ग्रामीण बिजली, पानी और शिक्षा के अभाव में कष्टमय जीवन जी रहे हैं। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से प्रार्थना की कि उन्हें मूलभूत सुविधाएं दिलाई जाएं।