नैनीताल। हाईकोर्ट ने शेरवुड कॉलेज में प्रधानाचार्य विवाद मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 जनवरी की तिथि नियय की है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले में लखनऊ डायसिस तथा प्रधानाचार्य अमनदीप संधू ने उन्हें पक्षकार बनाने की मांग की है। पूर्व में प्रधानाचार्य अमनदीप संधू ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर कहा था कि आगरा डायसिस ने गलत तरीके से कोर्ट से सुरक्षा ले ली है। कहा कि याचिका में पहले उन्हें पक्षकार बनाया गया था बाद में उन्हें हटा दिया गया। जबकि वे स्वयं पीड़ित पक्षकार हैं। उन्होंने प्रार्थना पत्र में यह भी कहा कि आगरा डायसिस वर्तमान में रजिस्टर्ड नहीं है। संबंधित मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि इसी केस की एसएलपी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
मामले के अनुसार आगरा डायसिस ने बीती 21 अक्तूबर को पूर्व में अमनदीप संधू को प्रधानाचार्य पद से हटाकर पीटर धीरज इमैनुअल को कॉलेज के अंतरिम प्रधानाचार्य के रूप में नियुक्त कर दिया था। इसके बाद आगरा डायसिस के पीटर धीरज इमैनुअल हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में पुलिस सुरक्षा के साथ शेरवुड कॉलेज पहुंचे, लेकिन स्कूल में उन्हें परिसर के भीतर प्रवेश तक नहीं करने दिया गया। इस पर आगरा डायसिस ने फिर हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। अब लखनऊ डायसिस व अमनदीप संधू ने उन्हें पक्षकार बनाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 जनवरी की तिथि नियत की है।