हल्द्वानी। नियमितिकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज के उपनल कर्मियों की बेमियादी हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। तय किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के चलते एसटीएच में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। हालांकि शासन के अनुरोध पर कर्मियों ने आपातकालीन सेवा देने का फैसला किया है।
एसटीएच परिसर में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि बार-बार मांग के बाद भी सरकार और अस्पताल प्रबंधन उपनल कर्मियों को नियमित नहीं कर रहा है जबकि उपनल कर्मी पिछले कई वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि बीते एक दशक से सरकार उन्हें नियमित करने का आश्वासन दे रही है लेकिन आज तक इस पर अमल नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में गुस्सा है। कहा कि न्यायालय भी कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुना चुका है लेकिन सरकार पद ही सृजित नहीं कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से न्यायालय के फैसले को लागू कराने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में उपनल कर्मचारी महासंघ के मंडल अध्यक्ष मोहन रावत, प्रताप बोरा, मीना गुप्ता, गीता त्रिपाठी, मीना भाकूनी, चंद्रशेखर दुम्का, राजेंद्र सिंह, भुवन चंद्र, खेमराज साहू आदि मौजूद रहे।
वैकल्पिक व्यवस्था के बावजूद लग रही कतार
उपनल कर्मियों के हड़ताल पर जाने से बिलिंग काउंटर में ऑनलाइन भुगतान सेवा भी बंद हो गई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से बिलिंग काउंटर में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए नए कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इससे मरीजों को लाइन में लगकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इलाज को पहुंचे अमित ने बताया कि पथरी के ऑपरेशन के बाद कुछ जांचों के लिए अस्पताल आया था लेकिन यूपीआई सेवा के काम न करने से नकद धनराशि का इंतजाम करने के लिए भटकना पड़ा है। उपनल कर्मचारी महासंघ के नेता प्रताप बोरा ने बताया कि शासन में गृह सचिव शैलेश बगौली से वार्ता हुई है। वार्ता के बाद कुछ उपनल कर्मी आपातकालीन सेवाएं देने को तैयार हो गए हैं। इसके बावजूद हड़ताल जारी रहेगी।