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हल्द्वानी हिंसा: हर तरफ आग, धुआं और भीड़ का शोर; न ऐसा मंजर देखा और न...अफसरों ने बताई आपबीती

Sun, 11 Feb 2024 08:51 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

Violence in Haldwani News: आठ फरवरी को बनभूलपुरा के मलिक के बगीचा से लेकर थाने तक जो हुआ है, वह कभी नहीं भुलाया जा सकता। हर तरफ आग, धुआं और हमलावर भीड़ का शोर था। पढ़िये मौके पर मौजूद रहे अफसरों की आपबीती...
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haldwani violence - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कई बार मुश्किल हालात में काम किया है, कार्य के दौरान विरोध, आक्रोश का सामना भी किया है, पर आठ फरवरी को बनभूलपुरा के मलिक के बगीचा से लेकर थाने तक जो हुआ है, वह कभी नहीं भुलाया जा सकता। बनभूलपुरा थाने में हर तरफ आग, धुआं और हमलावर भीड़ का शोर था, तो वहीं मलिक के बगीचा और आसपास के इलाके में पुलिसकर्मी पर पत्थर बरसाते उपद्रवी थे। इन विषम परिस्थितियों में भी पुलिस और प्रशासन ने हालात पर काबू पा लिया। जिस समय थाने पर भीड़ ने हमला बोला, वहां कुमाऊं मंडल विकास निगम के जीएम एपी वाजपेयी, अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना डॉ. हरीशलाल, एसडीएम प्रमोद आदि भी थाने में थे। इन सभी की जान संकट में फंस गई थी। पढ़िये मौके पर मौजूद रहे अफसरों की आपबीती...

कुमाऊं मंडल विकास निगम के जीएम एपी वाजपेयी का कहना है कि हल्द्वानी में यह मंजर देखना पड़ेगा, कभी सोचा नहीं था। हर तरफ आग, धुआं और अंधेरा था। आग जब ग्राउंड फ्लोर की तरफ फैल गई, तो हम दूसरी मंजिल पर पहुंच गए। इसी बीच थाने के पीछे की तरफ से दीवार को तोड़कर भी उपद्रवी घुसने की कोशिश करने लगे। सभी की जान संकट में थी, इन स्थितियों के बीच सभी को हौंसला बनाए रखना था। इसके अलावा मौजूद कर्मियों को हिम्मत भी बंधानी थी। पर करीब डेढ़ घंटे तक यह स्थिति रही। इसी बीच उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत भी कराते रहे। थाने के आगे जो आग लगी थी, उसके कारण भी वे अंदर नहीं आ सके। इसी बीच पहुंची पुलिस, प्रशासन की टीम ने मोर्चा संभाला और उपद्रवियों को खदेड़कर हालात पर काबू पाया।

 

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पत्थर शरीर पर पड़ते रहे, पर न हिम्मत हारी न धैर्य खोया
सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने बताया कि कार्रवाई शुरू होने के साथ ही विरोध शुरू हो गया। लोगों को समझाने की कोशिश की गई। पर पुलिस ने बल प्रयोग नहीं किया। इस बीच पथराव तेज होने लगा। कर्मियों ने हिम्मत नहीं हारी, वे अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई करते रहे। लोगों को समझाने का प्रयास किया गया कि वे कानून को हाथ में ले रहे हैं, यह गलत है। पथराव के बीच बार- बार लोगों का समझाने का प्रयास किया गया।

इसी बीच कई पुलिस और निगम कर्मी घायल हो गए। कई पत्थर उन्हें आकर लगे। रास्ते में वाहनों में आग लगा दी गई थी, कार्रवाई वाले स्थल से जैसे ही टीम को लेकर निकले तभी थाने को घेरने और आगजनी की सूचना मिली। इसके बाद वहां पर पहुंची। इसके बाद पुलिस, प्रशासन ने वहां के हालात को देखते हुए सख्त कदम उठाने का फैसला किया।

 
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