ग्रेजुएट था प्रकाश
प्रकाश स्नातक था और रोजगार की तलाश में पहली बार आठ फरवरी को उत्तराखंड पहुंचा था। हल्द्वानी पहुंचने के बाद से उसकी परिवार वालों कोई बातचीत नहीं हुई थी। 10 फरवरी की दोपहर प्रकाश के बहनोई ने कॉल की तो फोन मेडिकल चौकी पुलिस के सिपाही ने उठाया और मौत की खबर दी। अंकित ने बताया कि प्रकाश परिवार का बड़ा बेटा था। उसकी पांच बहनें हैं और छोटा भाई भी है।