सुशीला तिवारी अस्पताल में लाखों रुपये के वित्तीय गबन मामले में बिलिंग काउंटर प्रभारी समेत आरोपी महिला के बयान दर्ज हो गए। बयान में आरोपी महिला ने अपनी गलती मानी, इसके लिए उसने प्रभारी को भी दोषी बताया है।
सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब 20 दिन पहले उजागर हुए लाखों रुपये के वित्तीय गबन मामले में बिलिंग काउंटर प्रभारी समेत आरोपी महिला के बयान दर्ज हो गए। बयान में आरोपी महिला ने अपनी गलती मानी, इसके लिए उसने प्रभारी को भी दोषी बताया है। जबकि प्रभारी ने आरोपी महिला पर ही दोष मढ़े हैं। इधर, जांच टीम ने 10 महीने के करीब डेढ़ लाख रसीदों की जांच पूरी कर ली है। टीम की ओर से जल्द जांच पूरी करने की बात कही गई है।
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लाखों के गबन मामले में चार सदस्यीय टीम की जांच अभी चल ही रही है। इस बीच टीम ने तीन महिला कर्मियों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए हैं। जांच अधिकारी वित्त नियंत्रक एसपी सिंह ने बताया कि अभी तक की जांच में कुछ अलग सामने नहीं आया है और उपनल कर्मी एक ही महिला जांच के घेरे में आ रही है। उन्होंने बताया कि तीनों महिला कर्मियों के बयान में आरोपी महिला ने अपनी गलती मानी है लेकिन वह दो अन्य महिलाओं की भी गलती बता रही है।
जबकि प्रभारी महिला ने अपनी गलती होने से साफ इन्कार कर दिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि जल्द ही बांकी रसीदों की जांच भी पूरी कर ली जाएगी, उसके बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
यह था मामला
मार्च के पहले सप्ताह में सुशीला तिवारी अस्पताल में लाखों रुपये के गबन के मामले में कुछ कर्मचारियों पर आरोप लगा था कि खून, एक्स-रे, एमआरआई समेत अन्य जांचों के नाम पर मरीजों से ली गई फीस तो ली गई, लेकिन मेडिकल कॉलेज के खाते में जमा नहीं किए गए। जिसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की जांच में एक महिला कर्मी के घर कई रसीद बुकें बरामद हुई थीं। जिसके बाद कर्मचारी को बिलिंग काउंटर से हटाकर 7.61 लाख रुपये बरामद भी किए। दूसरी ओर दो अन्य महिला कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही मानते हुए कॉलेज प्रशासन ने उनकी सेवाएं समाप्त करने को लेकर भी निदेशालय को पत्र भेज दिया था।