हल्द्वानी शहर के बीचोंबीच नैनीताल रोड स्थित हल्द्वानी कोतवाली में बृहस्पतिवार सुबह पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने वाले सूडान के नागरिक के आगे पुलिस असहाय हो गई। घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को भी कोतवाली पुलिस ने सूडानी नागरिक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जबकि इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और नैनीताल पुलिस की नाकामी पर यूजर चटकारे ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि उसके वीजा व अन्य प्रपत्र सही गए।
मामला बुधवार की रात का है जब रोडवेज बस स्टेशन के निकट उत्तर पूर्वी अफ्रीका के सूडान का रहने वाला कोन नाम का युवक नशे की हालत में बेसुध पड़ा था। आसपास के लोगों ने उसे देख पुलिस बुला ली। पुलिस उसे लेकर कोतवाली पहुंची। रात तो किसी तरह बीत गई लेकिन बृहस्पतिवार की सुबह कोन ने जब खुद को पुलिस से घिरा पाया तो वह कोतवाली से बाहर की ओर भागा। वहां तैनात होमगार्ड के जवान और अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे रोकना चाहा तो वह गुस्से में आ गया। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि उसने पहले तो होमगार्ड जवान को थप्पड़ मारा फिर उसने अन्य पुलिस कर्मियाें को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। जब पुलिस कर्मी उसे पकड़ने को दौड़े तो वह हवालात की तरफ से इंस्पेक्टर कार्यालय की तरफ पहुंच गया। वहां से वापस आया तो उसने फिर पुलिस वालों को पीटा। इस घटना की कोतवाली के अंदर और बाहर मौजूद भीड़ ने वीडियो बनाई और वायरल भी की। हालत यह है कि पुलिस ने इस सूडानी नागरिक को क्लीन चिट देते हुए उसे कोतवाली से चले जाने को कह दिया।
शायद पुलिस को पता नहीं बीएनएस की धारा
अब यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि यदि विदेशी नागरिक पुलिस को पीटे तो धारा क्या लगेगी। शायद पुलिस को यह जानकारी नहीं थी। इतना बवाल यदि कोई स्थानीय करता तो निश्चित तौर पर जेल की हवा खा रहा होता।
इस धारा में हो सकती है कार्रवाई
यदि कोई विदेशी नागरिक पुलिस को पीटता है, तो भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की धारा 352, 353, या 332 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि चोट किस प्रकार की है और क्या इसमें सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य से रोकने का इरादा शामिल है।
नशे की हालत में सूडानी नागरिक को थाने लाया गया था। उसकी भाषा किसी को समझ नहीं आ रही थी। मारपीट जैसी कोई बात नहीं है। उसके वीजा व अन्य प्रपत्र सही थे। ऐसे में उसकी पूरी डिटेल नोट कर उसे छोड़ा गया।
-प्रकाश चंद्र, एसपी सिटी