छह साल पहले नदी के कटाव से गुलाबघाटी में रोड का एक हिस्सा दरककर गौला नदी में समाने के बाद शुरू जाम का दर्द अब तक बना हुआ है। तब विभाग ने दरके हुए हिस्से को ठीक कराने के बजाय उसके सामने पहाड़ काटकर सड़क कुछ चौड़ी करा दी थी। मगर घुमाव बढ़ने से वाहन आमने-सामने फंसने से इसका कोई खास लाभ नहीं मिल पाया। घुमाव वाली जगह से दो वाहन एक साथ न गुजरने के कारण अक्सर जाम लगता है।
नैनीताल हाईवे कुमाऊं को तराई-भाबर से जोड़ता है। गुलाबघाटी के आगे और पीछे दोनों तरफ सड़क की चौड़ाई अब भी 20 फुट है। गुलाबघाटी में भी सड़क दरकने से पहले उसकी चौड़ाई उतनी ही थी जो अब घटकर मात्र 14 फुट रह गई है। यहां पर दो बड़े वाहन आसानी से नहीं गुजर पाते हैं। इस स्थान पर ऊपर से नीचे को आने वाले वाहनों की कटिंग भी गौली नदी की ओर गलत तरीके से होती है। इस कारण पहाड़ की तरफ वाले वाहनों को रुकना पड़ता है, यही जाम का कारण बन जाता है।
गुलाबघाटी से कुछ आगे रानीबाग की ओर एक मोड़ है। यहां पर भी दो बड़े वाहन एक दूसरे को ओवरटेक नहीं कर सकते हैं। इन संकरे स्थानों पर बाइकर्स आड़े-तिरछे भागते हुए कार और बसों को ओवरटेक करते हैं। इस कारण चलते वाहन चालकों को गाड़ियां रोककर उनके लिए रास्ता छोड़ना पड़ता है।
गुलाबघाटी में तो इंटरमीडिएट लेन ही है सड़क
ये भी जाम लगने की वजह
एक बस अथवा ट्रक की चौड़ाई 2.4 मीटर होती है। यदि गुलाबघाटी पर एक साथ दो बस अथवा ट्रक गुजरेंगे तो सड़क का 4.8 मीटर हिस्सा कवर हो जाएगा। दोनों वाहन आपस में न टकराएं, इसके लिए दोनों वाहनों के मध्य भी कुछ गैप रहना चाहिए। जब यहां दो वाहन विपरीत दिशा से पहुंचते हैं तो नीचे से ऊपर जाने वाले चालक गाड़ी को पहाड़ से सटाकर चलते हैं और ऊपर से नीचे आने वाले चालक गौला नदी से बचते हुए चलते हैं। ऐसे में सड़क पूरी तरह कवर हो जाती है और जाम लगता है।
नजर नहीं आते यातायात पुलिस के जवान
रानीबाग और आसपास यातायात को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस का कोई भी जवान तैनात नहीं रहता है। इसके चलते बच्चों को स्कूल पहुंचने में देरी होती है और शाम को पहाड़ से आने वाले यात्रियों की ट्रेन छूटती है। जिला प्रशासन को इस सड़क पर यातायात व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत है।
-संजय साह पूर्व जिला पंचायत सदस्य रानीबाग
जाम लगने से बच्चे समय से न तो स्कूल जा पा रहे हैं औऱ न समय से घर पहुंच रहे हैं। रानीबाग में सड़क क्रॉस करने में ही लोगों को काफी समय लग रहा है। व्यवस्था में सुधार होना चाहिए।
-पवन साह, उप ग्राम प्रधान रानीबाग
गुलाबघाटी से भीमताल मोड़ तक सड़क का बड़ा हिस्सा खराब है। वाहनों का दबाव भी अधिक है। इस वजह से वहां जाम की स्थिति रहती है। पुलिस वहां सक्रियता से तैनात रहती है। अगर पुलिसकर्मियों के खिलाफ लापरवाही की शिकायत मिलेगी तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
-हरबंश सिंह, एसपी यातायात
काठगोदाम से नैनीताल तक टू लेन सड़क की 400 करोड़ रुपये की परियोजना मार्च में स्वीकृत हो चुकी है। इससे गुलाबघाटी और रानीबाग में सड़क चौड़ीकरण होना है। वन विभाग से जमीन न मिलने के चलते इसका टेंडर नहीं हुआ है। डीएम ने गुलाबघाटी में पहाड़ कटिंग और रानीबाग में चौड़ीकरण का स्टीमेट लोनिवि सचिव को भेजा है। दोनों में से जिस कार्य की अनुमति मिल जाएगी, उसे शुरू कराया जाएगा।