मुकदमा होने से पहले ही परिवहन अधिकारी ने विभाग में जमा कराया मेडिकल
इधर पुलिस टीटीओ से पूछताछ कर रही है, उधर उन्होंने 21 सितंबर को स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर आरटीओ को छुट्टी का आवेदन भेज दिया है। उन्होंने 18 सितंबर से स्वास्थ्य सही होने तक छुट्टी मांगी है। इसके साथ ही काशीपुर के एक सरकारी अस्पताल से बनाया गया मेडिकल भी लगाया है। हालांकि पुलिस ने मेडिकल की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, 19 सितंबर से ही टीटीओ पुलिस की निगरानी में हैं। उनका फोन भी पुलिस ने साक्ष्य के लिए लिया हुआ है। ऐसे में उन्होंने छुट्टी का आवेदन कैसे किया। मेडिकल में वह बीमार बताए जा रहे हैं, जबकि सूत्रों का कहना है कि वह पुलिस की निगरानी में किसी तरह की दवा भी नहीं ले रहे हैं।
परिवहन कर अधिकारी नंदन प्रसाद ने मुकेश बोरा को भागने में मदद की। उसने पुलिस की सूचना भी बोरा को दी। इस कारण आरोपी का नाम पूर्व में दर्ज मुकदमे में शामिल कर दिया गया है। उसके खिलाफ हार्बरिंग ऑफेंस (फरार आरोपी की मदद करना) के आरोप में कार्रवाई की गई है। मामले में तीन अन्य को भी नामजद किया गया है।
- नितिन लोहनी सीओ हल्द्वानी।