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Haldwani Hinsa: ...जिस मदरसे के कारण हुई हिंसा, उसकी पंजीकरण तक नहीं; अब सरकारी मशीनरी कस रहा शिकंजा

Thu, 15 Feb 2024 12:40 PM IST
हीरा मेहरा अमित उप्रेती, संवाद

सार

Haldwani Hinsa: हल्द्वानी में आठ फरवरी को जिस मदरसे को ढहाने के दौरान बवाल हुआ था वह अवैध निकला है और बैगर पंजीकरण के चल रहा था। बिना मान्यता लंबे समय से मदरसे के संचालित होने पर सिस्टम पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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haldwani violence - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आठ फरवरी को बनभूलपुरा स्थित जिस मदरसे (शैक्षणिक संस्थान) को ढहाने के दौरान बवाल हुआ था वह अवैध निकला है और बैगर पंजीकरण के चल रहा था। बिना मान्यता लंबे समय से मदरसे के संचालित होने पर सिस्टम पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

दरअसल मदरसे में दीनी तालीम पढ़ाई जाती है जिससे लोगों को इस्लाम के बारे में जानकारी हो सके लेकिन बनभूलपुरा स्थित मलिक के बगीचे में मदरसा गैर कानूनी रूप से चल रहा था। शिक्षा विभाग अब यह जानकारी जुटाने में लगा कि यहां बच्चे और अध्यापकों की संख्या कितनी है। क्या वह शैक्षणिक पात्रता को पूरा करते थे। वहीं, क्षेत्र के जानकार लोग बताते हैं कि मदरसे में करीब 70 बच्चे अध्ययनरते थे, इन्हें पढ़ाने के लिए तीन टीचर रखे गए थे। घटना के बाद से बच्चों की पढ़ाई बंद चल रही है।

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मदरसा अवैध है और बगैर पंजीकरण के चल रहा था। यहां कितने बच्चे पढ़ते थे और कितने शिक्षक तैनात थे इसकी जांच की जाएगी। -जगमोहन सोनी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल

मदरसे की अनुमति शिक्षा विभाग से ली जाती है। मदरसा अवैध था, यहां पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। -फिंचा राम चौहान, अपर जिला मजिस्ट्रेट
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