गौलापार में बनने वाले चिड़ियाघर के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। वन महकमे ने चिड़ियाघर के लिए अलग रेंज बनाई है। यहां पर पद सृजित करने के साथ कर्मियों की तैनाती भी शुरू कर दी है।
गौला पार में चार सौ हेक्टेयर से ज्यादा एरिया में चिड़ियाघर प्रस्तावित है। इसमें बायो डायवर्सिटी समेत कई योजनाएं तैयार की गई हैं।
काम शुरू होने के ही जंगलात ने प्रबंधन के लिए नई चिड़ियाघर रेंज बनाई है। यह रेंज फिलहाल तराई पूर्वी वन प्रभाग के अधीन ही रहेगी।
प्रभागीय वनाधिकारी डा. पराग मधुकर धकाते का कहना है कि चिड़ियाघर में वन संरक्षक स्तर के अधिकारी तैनात होंगे। जिसे सीईओ कहा जाएगा।
इसके अलावा एक उप प्रभागीय वनाधिकारी, दो रेंजर, डिप्टी रेंजर समेत अन्य कर्मियों की तैनाती होगी। इसमें से कुछ कर्मियों की तैनाती कर भी दी गई है।
प्रयास है कि अप्रैल में चिड़ियाघर में पार्क, ट्वाय ट्रेन, कैंटीन, प्रसाधन को तैयार कर खोल दिया जाए। इसमें सुरक्षा और प्रबंधन में यह कर्मी मददगार बनेंगे।
चिड़ियाघर में बुजुर्गों के लिए भी विशेष तौर पर ध्यान रखा जाएगा। सफारी आदि के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेनी है। प्रयास है कि जनवरी के पहले सप्ताह में यह प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाए।