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Nainital News: हल्द्वानी में उगा दी हिमालयी क्षेत्रों होने वाली गुच्छी मशरूम

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नैनीताल। वैज्ञानिकों ने पहली बार मोरेल (गुच्छी) मशरूम को हल्द्वानी के मैदानी इलाके में सफलतापूर्वक वैज्ञानिक तकनीक और संतुलित वातावरण में उगाया है। वैसे यह मशरूम हिमालयी क्षेत्रों में 5,000 से 11,000 फीट की ऊंचाई पर पाई जाती है।
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पद्ममश्री अनूप साह, माइकोलॉजिस्ट और मशरूम विशेषज्ञ डॉ. जीएस मेर और नवीन वर्मा की टीम को गुच्छी मशरूम के उत्पादन में सफलता मिली है। इसमें दीपक पांडेय और यश ने भी मदद की। इन लोगों ने करीब एक साल तक रिसर्च और टेस्टिंग की। पद्ममश्री अनूप साह ने बताया कि अब इस तकनीक को पहाड़ के ऊंचाई वाले इलाकों में ले जाया जाएगा। बाजार में गुच्छी मशरूम की कीमत बेहद ज्यादा है।



कीमती और औषधीय है मोरेल
पद्मश्री अनूप साह बताते हैं कि गुच्छी मशरूम अपनी दुर्लभता एवं उच्च बाजार मूल्य के कारण विशेष स्थान रखती है। पोषण एवं औषधीय दृष्टि से यह अत्यधिक समृद्ध है। इसमें उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन, फाइबर, विटामिन डी, आयरन तथा शक्तिशाली एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में सहायक होते हैं।
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सात हजार फीट की ऊंचाई पर भी विकसित की चार किस्में
संयुक्त टीम की ओर से लगभग 7000 फीट की ऊंचाई पर मोरेल की चार उन्नत किस्मों का भी विकास किया गया है जिनके परिणाम आगामी मार्च–अप्रैल में प्राप्त होने की संभावना है। यह उपलब्धि न केवल वैज्ञानिक प्रयोग है, जबकि इससे उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी और पलायन भी रुकेगा।
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