वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कमी का असर अब स्वास्थ्य क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। 12 से 18 प्रतिशत के टैक्स स्लैब में आने वाली कई दवाओं पर जीएसटी घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। इससे दवाओं की कीमतों में कमी आई है और लंबे समय तक इलाज कराने वाले मरीजों को आर्थिक राहत मिली है।
किडनी, सांस, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और थायराइड जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को नियमित रूप से दवाएं लेनी पड़ती हैं। उन्हें इस कटौती का सीधा लाभ मिल रहा है। दवा कंपनियों की ओर से संशोधित मूल्य सूची जारी होने के बाद मेडिकल स्टोरों पर कम कीमतों पर दवाओं की बिक्री शुरू हो गई है।
जीएसटी में कटौती का लाभ सीधे मरीजों तक पहुंच रहा है। नियमित दवा लेने वाले मरीजों का मासिक खर्च कम हुआ है। इससे उन्हें काफी राहत मिली है। - देव पंत, दवा कारोबारी
नई जीएसटी दर लागू होने के बाद कंपनियों ने दवाओं की संशोधित कीमतें जारी कर दी हैं। इसके तहत कई जरूरी दवाओं के दाम कम हुए हैं। - हरीश जोशी,मेडिकल स्टोर संचालक
किडनी संबंधी दवाओं के दाम में कमी
दवा का नाम पहले अब
कीटो अल्फा एनालॉग 380 347
सोडियम कॉर्बोनेट 45 42
टॉर्सीमाइड 105 96
लीना ग्लिपटीन 180 163
सेवलामर 131 120
नेफ्रोसेव फोर्ट 396 374
सांस संबंधी दवाओं के दाम में कमी
दवा का नाम पहले अब
डॉक्सोफाइलिन 143 130
एवी फ्लो 279 254
फॉर ग्लिन फोर्ट 445 404