हल्द्वानी। शहर में पानी की आपूर्ति करने वाले ट्यूबवेलों का जलस्तर लगातार गिर रहा है। पहले मिट्टी आने की समस्या हुई और अब हिम्मतपुर मल्ला के ट्यूबवेल में सात मीटर गिरे जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। नियमित पेयजलापूर्ति करने के लिए जल संस्थान के पास ट्यूबवेल में अतिरिक्त पाइप बढ़ाना ही एकमात्र विकल्प है।
मालूम हो कि करीब एक साल पहले भगवानपुर मल्ला के ट्यूबवेल से मटमैले पानी की आपूर्ति हुई थी। इधर गर्मी से पहले बजूनिया हल्दू के ट्यूबवेल में भी यही परेशानी हो गई है। भगवानपुर जय सिंह के ट्यूबवेल से भी पानी के साथ मिट्टी आई। कैमरे से लेकर बोरिंग तक में हजारों लीटर पानी और रेता डालकर ट्रीटमेंट किया गया। इसके बाद अब इन ट्यूबवेलों से आपूर्ति हो रही है। इधर अब हिम्मतपुर मल्ला और छड़ायल के ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति कम हो गई है। इससे आबादी क्षेत्र में पेयजलापूर्ति पर असर पड़ रहा है। यहां करीब 550 फीट से अधिक गहराई से ट्यूबवेल आपूर्ति कर रहे हैं।
ऐसे गिरा जलस्तर
जानकारों के अनुसार दो दशक पहले जब हल्द्वानी में ट्यूबवेल खोदे गए तो उस समय 170 मीटर की गहराई में पानी उपलब्ध हो जाता था। वर्ष 2012-13 में यह 200 मीटर तक पहुंच गया। वर्ष 2025 में खोदे जा रहे ट्यूबवेलों की गहराई 225 मीटर है। ऐसे में एक दशक में 25 मीटर तक जलस्तर गिर गया है।
जांच करने पर हिम्मतपुर मल्ला के ट्यूबवेल के जलस्तर में 21 फिट से अधिक की गिरावट पाई गई है। पाइप निकाले जा रहे हैं, इसके बाद अतिरिक्त पाइप बढ़ाए जाएंगे। - रवि लोशाली ईई जल संस्थान हल्द्वानी
छड़ायल के ट्यूबवेल में सामान्य दिक्कत है। पंप खराब होने की वजह से आपूर्ति ठप थी। मरम्मत का काम चल रहा है। दो दिन के भीतर सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। - कवींद्र पंत, ईई, नलकूप खंड, सिंचाई हल्द्वानी
ट्यूबवेल दुरुस्त, पेयजलापूर्ति सुचारु
हल्द्वानी। भगवानपुर बिचली में सिंचाई नलकूप खंड का ट्यूबवेल शनिवार को दुरुस्त कर लिया गया है। इसके बाद से जल संस्थान के उपभोक्ताओं को भी जलापूर्ति की जा सकी। ट्यूबवेल में दिक्कत आने से 500 लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा था।