पिथौरागढ़ में मानसिक रोग क्लीनिक का शुभारंभ करते न्यायामूर्ति।
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में कुमाऊं का पहला सरकारी मानसिक रोग क्लीनिक खुल गया है। अब मनोरोगियों के उपचार के लिए जिले से बाहर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। नशे के गिरफ्त में आए लोगों का उपचार भी यहां आसानी से हो सकेगा।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज तिवारी ने शनिवार को मानसिक रोग क्लीनिक और नशा मुक्ति केंद्र का शुभारंभ किया। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल परिसर के एसटीडी क्लीनिक में केंद्र खोला है। उन्होंने कहा कि सीमांत में केंद्र खुलने से लोगों को इसका लाभ मिलेेगा।
सीएमओ डॉ. एचसी पंत ने बताया कि मानसिक रोग और नशा मुक्ति केंद्र में पांच लोगों का स्टाफ तैनात रहेगा। इनमें एक डॉक्टर और चार कर्मी शामिल हैं। केंद्र के चार कमरों में दो बेड हैं। जहां पर मरीजों की काउंसलिंग की जाएगी। उसके बाद उनकी स्थिति देखते हुए उन्हें उपचार के लिए भर्ती किया जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि यहां घुमंतु मनोरोगियों का भी उपचार किया जाएगा। अगर भविष्य में मरीजों की संख्या बढ़ती है तो केंद्र का विस्तार किया जाएगा। बताया कि यह कुमाऊं का पहला सरकारी केंद्र है। केंद्र के प्रभारी डॉ. ललित भट्ट ने कहा कि केंद्र में मनोरोगियों और नशे की गिरफ्त में आए लोगों के उपचार में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
इस दौरान जिला जज डॉ. जीके शर्मा, सदस्य सचिव उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण राजीव खुल्बे, एसपी सुखबीर सिंह, सीडीओ अनुराधा पाल, एडीएम आरडी पालीवाल, सिविल जज सीनियर डिविजन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज कुमार द्विवेदी, सीएमओ डॉ. एचसी पंत, पीएमएस केसी भट्ट, अध्यक्ष जिला बार संघ मोहन चंद्र भट्ट आदि रहे।