हल्द्वानी। उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ ने बैठक कर सरकार से उपनल कर्मियों को पद का न्यूनतम वेतन देने की मांग उठाई। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
मंगलवार को उत्तराखंड उपनल कर्मचारी संघ की बैठक बुद्ध पार्क में हुई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से की वेतनवृद्धि पर संगठन आभार व्यक्त करता है। कहा कि सरकार को उच्च न्यायालय ने समान वेतन- समान पद के फैसले पर अमल करना चाहिए। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष पूरन भट्ट ने कहा कि उपनल संविदा कर्मचारी वर्ष 2004 से राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। इन 15 साल की सेवा में सरकार से जो मानदेय वर्तमान समय में दिया जा रहा है, वह उपनल कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
संगठन के प्रदेश महामंत्री मनोज जोशी ने सरकार से अपील की है कि वो उपनल संविदा कर्मियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर विशेष अनुज्ञा याचिका को वापस ले और हाईकोर्ट नैनीताल के फैसले को लागू करे। संगठन के कोषाध्यक्ष ने संघ के आय-व्यय का ब्योरा रखा। बैठक में जिलाध्यक्ष नैनीताल मनोज शर्मा, गणेश गोस्वामी, तेजा सिंह, विनोद बिष्ट, महेश जोशी, प्रवीण पांडे, राकेश पांडे आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।