हल्द्वानी। गौला नदी में नहाने गए गोंडा निवासी अहमद (15) की डूबकर मौत हो गई। किशोर अपने भाई के साथ नदी में कपड़े धोने गया था। सूचना पर पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे और शव को पानी से बाहर निकाला।
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के ढढुवा बलहरि ददुआ निवासी अल्लाह रक्खा पुत्र मोहम्मद रफीक 10 दिन पहले अपने छोटे भाई 15 वर्षीय अहमद अली के साथ हल्द्वानी आया था। दोनों यहां जवाहरनगर में झोपड़ी में रह रहे थे। शुक्रवार सुबह दोनों भाई हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पास से गौला नदी में पहुंचे। दोपहर 12 बजे अल्लाह रक्खा नदी के पास ही कपड़े धो रहा था। इस दौरान अहमद नदी में नहाने चला गया और गहराई में दलदल में फंसकर डूबने लगा।
उसके शोर मचाने पर अल्लाह रक्खा और आसपास मौजूद लोग उसे बचाने के लिए दौड़े। इस बीच अल्लाह रक्खा भी डूबने लगा तो उसे बचा लिया गया लेकिन अहमद डूब चुका था। सूचना पर पहुंचे पुलिस के गोताखोरों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद अहमद का शव नदी में काफी गहराई से बरामद किया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में भेज दिया है।
काम की तलाश में आए थे दोनों भाई
अल्लाह रक्खा ने बताया कि वह कुछ दिन पहले रुद्रपुर आया था। वहीं से काम की तलाश में वह भाई के साथ यहां रिश्ते की मौसी के घर आया था। आठ दिन यहां काम की तलाश की लेकिन काम नहीं मिला। शुक्रवार को जुम्मे की वजह से वह नदी में कपड़े धोने गया था। इसी दौरान भाई कब नदी के पास पहुंच गया इसका पता नहीं चल पाया। उसने बताया कि वे यहां फेरी करने आए थे।
पोस्टमार्टम न कराने की लगाई गुहार
अहमद की पोस्टमार्टम न कराने की गुहार लेकर उसके परिजन सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी से मिले लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट बाजपेयी ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत दी गई व्यवस्था के अनुसार किसी भी अप्राकृतिक मृत्यु की दशा में पोस्टमार्टम एवं पुलिस जांच अनिवार्य है।
किशोर के नदी में डूबने की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। नदी में तलाश के बाद किशोर को सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। - मनोज कत्याल एसपी सिटी