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धानक का घिनौना चेहरा: छात्राओं ने धानक पर लगाया छेड़खानी का आरोप, ऐसे घर ले जाकर करता था गंदी हरकत

Mon, 16 Oct 2023 10:39 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

दृष्टिबाधित बच्ची से यौन शोषण के आरोपी धानक पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। रविवार को पुलिस सादी वर्दी में दृष्टिबाधित संस्थान पहुंची और छात्राओं के बयान दर्ज किए। वहीं, लगे सीसीटीवी की भी जांच की गई। 
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छात्राओं के साथ छेड़खानी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दृष्टिबाधित बच्ची से यौन शोषण के आरोपी महासचिव श्याम सिंह धानक पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। 

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रविवार को पुलिस सादी वर्दी में दृष्टिबाधित संस्थान पहुंची और छात्राओं के बयान दर्ज किए। वहीं, लगे सीसीटीवी की भी जांच की गई। हॉस्टल से लेकर कक्षाओं तक में होने वाली गतिविधियों और नियमित दिनचर्या के बारे में गहन पूछताछ की गई। 

पुलिस उन छात्राओं से भी बात करेगी जिनके नाम पीड़िता ने शिकायती पत्र में दर्ज किए हैं। पुलिस धानक की संपत्ति की जांच भी कराएगी। इसमें यह देखा जाएगा किधानक कहीं संस्था का पैसा निजी प्रयोग में तो खर्च नहीं कर रहा था। संस्था के आय-व्यय के रजिस्टर की जांच भी होगी। पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्हें धानक की काली करतूतों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी। छात्राओं से बातचीत में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, पुलिस उन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। 
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धानक बच्चों को घर ले जाकर करता था छेड़खानी
श्याम सिंह धानक बच्चों को कार्यक्रम के बहाने घर भी ले जाता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में कुछ छात्राओं ने बताया है कि वह घर में भी उनसे छेड़खानी करता था। धानक के घर में एक ऐसा कमरा है, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। पुलिस ने घर पहुंचकर धानक का सीसीटीवी भी खंगाला है।

श्याम धानक शिकायत करने वाली मूक बाधिर छात्राओं के साथ सख्ती से पेश आता था। वह शिकायत करने वालों को पीटता था। पुलिस बच्चों से यह भी पता कर रही है कि उन्होंने इससे पहले अपनी शिकायत किन-किन लोगों से की। शिकायत करने के बाद कोई कार्रवाई हुई या नहीं।

संस्था ही करेगी बच्चों की देखरेख
पुलिस जांच में सामने आया है कि अब तक संस्था के किसी अन्य सदस्य का नाम इस मामले में सामने नहीं आया है। इस कारण अभी संस्था ही बच्चों की देखरेख करेगी। उधर छात्रावास के चारों ओर सीसीटीवी लगाए जाएंगे। यहां पुरुषों का आना प्रतिबंधित किया जाएगा।

दृष्टिबाधित बच्ची के साथ यौन शोषण के मामले में डीएम वंदना के निर्देश पर गठित समिति ने रविवार को जांच की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया। समिति बच्चों के मानसिक, शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास का परीक्षण और आंतरिक शिकायत निवारण समिति की गतिविधियों की जांच आज से शुरू करेगी।

जिला प्रोबेशन अधिकारी वर्षा आर्य ने बताया कि जिस संस्थान में बच्चे पढ़ते हैं, उनकी पढ़ाई और संस्थान के संचालन पर कोई प्रभाव न पड़े, इसे सुनिश्चित किया जा रहा है। संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों से बातचीत की गई है। वहां पर भोजन, बच्चों की स्कूल बस समेत अन्य सभी आवश्यक  बिंदुओं पर बातचीत हुई है। कमी होने पर जिला प्रशासन के सहयोग से सभी चीजों को उपलब्ध कराया जाएगा। सोमवार से जांच शुरू होगी। जांच के बिंदुओं पर समिति में शामिल सदस्यों ने चर्चा की है। इस संबंध में जिला प्रशासन और निदेशालय से भी लगातार संपर्क बना हुआ है। 
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वन विभाग से मिली संस्था को भूमि: दृष्टिबाधित बच्चों के लिए जो संस्थान बनाया है, उसकी भूमि भी वन विभाग से संस्थान को मिली थी। वन कर्मचारियों के अनुसार तराई पूर्वी वन प्रभाग के गौला रेंज के अंतर्गत 0.6 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि को करीब 19 साल पहले संस्था को लीज पर दिया था। 

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