नैनीताल। बलियानाला के संवेदनशील क्षेत्र से लगे शहीद मेजर राजेश अधिकारी जीआईसी के समक्ष विस्थापन की तलवार लटकी हुई है। बलियानाला सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए वित्तीय स्वीकृति के बाद विस्थापन होना भी लगभग तय है। इधर. विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि विद्यालय भवन के सभागार का अधूरा कार्य पूरा हो जाए तो यहां भी विस्थापन किया जा सकता है।
बता दें कि शासन व प्रशासन के निर्देश पर बलियानाला के कार्य के साथ ही जीआईसी का विस्थापन होना है। उक्त कार्य में विद्यालय के निचले हिस्से के भवनों को ध्वस्त किया जाना है। विद्यालय प्रबंधन स्तर पर विद्यालय के सभागार और उसके कक्ष में विद्यालय के विस्थापन की योजना बनाई जा रही है। 2021 अक्तूबर में आई आपदा में विद्यालय सभागार की छत क्षतिग्रस्त हो गई।
विद्यालय की मांग पर विधायक सरिता आर्या की ओर से इसके जीर्णोद्धार के लिए पांच लाख रुपये की घोषणा की। इधर, जिला पंचायत की ओर से लगभग चार माह पूर्व इसका कार्य शुरू किया। जिसमें विद्यालय की अधिकांश छत बदली जा चुकी है। बरसात के चलते कार्य बंद है और कुछ टिन भी बदलने हैं। इससे बरसात में पानी मुसीबत बना हुआ है। विद्यालय प्रधानाचार्य आरएस अधिकारी का कहना है कि यदि अवशेष टिन डालकर फॉल सीलिंग लगा दी जाएं तो यहां और इससे लगे कक्षों में विस्थापन किया जा सकता है।
............
-जिला पंचायत की ओर से कार्य की निविदा करा ली गई है। ठेकेदार ने कार्य भी शुरू किया है, जो बरसात के चलते बंद है। शीघ्र अवशेष कार्य करा लिया जाएगा-कमलेश बिष्ट अपर मुख्य अधिकारी
............
इनसेट
-बीते दिनों जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार संजय कुमार कोहली समेत पट्टी पटवारी ने भू वैज्ञानिकों के साथ जीआईसी और जीजआईसी का निरीक्षण किया। भू वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के बाद विस्थापन स्थल का चयन किया जाना है।