नैनीताल। शैक्षिक नवाचार और तकनीक को अपनाते हुए पीएम श्री अटल उत्कृष्ट राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, पतलोट ने अपनी कार्यप्रणाली को ई-ऑफिस में तब्दील कर दिया है। इसके साथ ही, ई-साइन के माध्यम से आधिकारिक पत्र जारी करने वाला यह क्षेत्र का पहला संस्थान बन गया है। विद्यालय का यह स्मार्ट वर्किंग मॉडल आज अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए एक मिसाल बन गया है।
डिजिटल कायाकल्प के बाद विद्यालय प्रशासन के सभी आधिकारिक पत्र और सूचनाएं अब डिजिटल माध्यम से ही तैयार की जा रही हैं। ई-साइन तकनीक के इस सफल प्रयोग से न केवल कागजों की भारी बचत हो रही है बल्कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और गति भी आई है। गौरतलब है कि ई-साइन के अधिकतम और प्रभावी उपयोग के मामले में जीआईसी पतलोट वर्तमान में पूरे नैनीताल जनपद में प्रथम स्थान पर बना हुआ है।
विद्यालय की वादन व्यवस्था हुई डिजिटल
प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ विद्यालय ने अपनी शिक्षण व्यवस्था को भी स्मार्ट बनाया है। विद्यालय की वादन व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है जिससे शिक्षक स्कूल पहुंचने से पहले ही अपने मोबाइल पर यह देख लेते हैं कि उनकी ड्यूटी किस कक्षा में लगी है। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि स्कूल खुलते ही बिना किसी समय की बर्बादी के पठन-पाठन का कार्य सुचारु रूप से शुरू हो जाता है। शिक्षकों के अवकाश को भी इससे जोड़ा गया है। शिक्षक अब अपनी लीव एप्लीकेशन टेलीग्राम के माध्यम से ऑनलाइन भेजते हैं जिसे ऑनलाइन ही ई-साइन के जरिये स्वीकृत किया जाता है।
- तकनीक का ऐसा प्रयोग अन्य विद्यालयों के लिए एक मिसाल है। इस तरह की पहल से राजकीय सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आता है। - गोविंद जयसवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी
- डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य समय की बचत करना और विभागीय कार्यों को सुगम बनाना है। डिजिटल माध्यम अपनाने से रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। - आशुतोष साह, प्रधानाचार्य