मुक्तेश्वर (नैनीताल)। उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से विकसित भारत के लिए सतत कृषि, पर्यावरण और स्वास्थ्य की रणनीतियों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। आईवीआरआई के संयुक्त निदेशक डॉ. यशपाल सिंह मलिक के नेतृत्व में वैज्ञानिकों और छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में किसानों के लिए प्रदर्शनी लगाकर उन्हें बकरी प्लेग, बकरी पॉक्स, भेड़ पॉक्स और नीलरसना रोग के नैदानिक किट और टीकों को लेकर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में वैज्ञानिकों और छात्रों ने मौखिक और पोस्टर प्रदर्शनी प्रतियोगिता में पशु स्वास्थ्य एवं प्रबंधन विषय पर प्रस्तुति दी। वैज्ञानिक वर्ग की मौखिक प्रस्तुति में आईवीआरआई के डॉ. आशुतोष फुलार ने तृतीय, छात्र वर्ग में डॉ. सुरेगा द्वितीय, डॉ. आशा यादव तृतीय रहीं। छात्र वर्ग पोस्टर प्रदर्शनी में डॉ. मनीष और डॉ. कृषि ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। आईवीआरआई के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त और संयुक्त निदेशक डॉ. यशपाल सिंह मलिक ने विजेताओं को बधाई दी। वहां डॉ. शेर सिंह, डॉ. अमोल गुरव, डॉ. नीतीश सिंह खड़ायत और डॉ. आशुतोष फुलार आदि थे। संवाद