हल्द्वानी। शहर की पेयजल के अलावा क्षेत्र की सिंचाई गौला नदी पर निर्भर है। गौला का जलस्तर लगातार गिर रहा है। पिछले सात साल में इस बार गौला का जलस्तर अन्य वर्षों की अपेक्षा सबसे कम दर्ज किया गया है। गौला के जलस्तर में अन्य वर्षों की अपेक्षा 50 क्यूसेक तक की कमी दर्ज की गई है। 12 फरवरी को इस बार गौला का जलस्तर 86 क्यूसेक रिकार्ड किया गया।
सिंचाई विभाग के गौला बैराज प्रभारी अपर सहायक अभियंता मनोज तिवारी ने बताया कि पिछले सात साल में इस बार गौला में शुक्रवार को सबसे कम जलस्तर दर्ज किया गया है। बताया कि 30 क्यूसेक पानी पेयजल के लिए जलसंस्थान के ट्रीटमेंट प्लांट को दिया जाता है। वर्तमान में पेयजल को छोड़कर सिंचाई के लिए मात्र 56 क्यूसेक पानी बचा है, जबकि सिंचाई के लिए रोजाना 300 क्यूसेक से अधिक पानी की जरूरत होती है।
क्षेत्र में चार प्रमुख नहरों से सिंचाई होती है। इन दिनों नहरों से रोस्टिंग में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। एक नहर को चौथे दिन पानी मिल पा रहा है। पानी कम होने से टेल एंड तक नहीं पहुंच रहा है। जिससे इलाके की सिंचाई व्यवस्था चरमराई है। गौला का जलस्तर इसी तरह गिरता रहा तो गर्मियों में सिंचाई के साथ ही पेयजल संकट भी गहरा सकता है।
पिछले सात वर्षों में 12 फरवरी को गौला का जलस्तर
वर्ष जलस्तर (क्यूसेक)
2015 163
2016 118
2017 120
2018 106
2019 199
2020 244
2021 86