रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) और उससे सटे वन प्रभागों के पास फेंका जा रहा कूड़ा शाकाहारी वन्य जीवों को अपनी और आकर्षित कर रहा है। आवारा जानवर भी इस कूड़े के आसपास मंडरा रहे हैं। इसके चलते बाघ, तेंदुए जैसे वन्यजीव इन जानवरों के शिकार के प्रयास में आबादी की ओर आ रहे हैं। इससे मानव वन्यजीव संघर्ष बढ़ने का खतरा कई गुना तक बढ़ गया है। यह बात वन विभाग के लिए बड़ी चिंता के रूप में सामने आ रही है।
पार्क के एसडीओ अमित ग्वासीकोटी ने बताया कि सीटीआर और उससे सटे वन प्रभागों के आसपास तेजी से फेंका जा रहा कूड़ा मानव वन्यजीव आबादी में बुलाने का कार्य कर रहा है। कूड़े में कई बार बचा हुआ खाने पीने का सामान रह जाता है। इसे आवारा जानवर खाने के लिए जंगल के बेहद करीब चले जाते हैं। इसके साथ ही जंगल के शाकाहारी जानवर हिरन, बंदर आदि को नमक पसंद होता है। वह भी कूड़े के चलते सीमावर्ती इलाकों तक आ जाते हैं। इनके शिकार के लिए बाघ और तेंदुए जैसे इनके पीछे आते हैं। चूंकि कूड़ा आबादी क्षेत्र में होता है, लिहाजा यहां पहुंचने वाले बाघ, तेंदुए से कई बार मानव-वन्यजीव संघर्ष सामने आता है।
गन्ने की महक हाथी को कर रही आकर्षित
रामनगर। रामनगर वन प्रभाग की कोसी रेंज स्थित नगर वन के आसपास खाने पीने के साथ ही गन्ने के जूस के ठेले लगाए जा रहे हैं। इससे कई बार हाथी गन्ने की महक से आकर्षित होकर इस क्षेत्र में दिखाई देता है। एसडीओ अंकित बडोला ने बताया कि हाथी कई किलो मीटर से चीजों की दुर्गंध को सूंघ लेते हैं। गन्ने की महक आने पर वह आबादी क्षेत्र की ओर रुख कर लेते हैं जो कि खतरनाक है। संवाद