हल्द्वानी। जी-20 सम्मेलन के दौरान वर्दीधारियों को भी सम्मेलन कक्ष के अंदर जाने की मनाही होगी। सुरक्षा घेरे के प्रथम चक्र में सादा वर्दी में खुफिया एजेंसी के कर्मी व अधिकारी तैनात रहेंगे। वहीं सुरक्षा चरण के बाहरी घेरों में वर्दी धारी पुलिस, एटीएस, पैरामिलिट्री और पीएसी के जवान रहेंगे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का चार्ज संभाल लिया है।
रामनगर में 28 मार्च से 30 मार्च तक आयोजित होने वाले जी-20 सम्मेलन को लेकर पुलिस व एटीएस ने पूरी व्यवस्थाएं अपने हाथ में ले ली हैं। कार्यक्रम स्थल के चारों तरफ योजनाबद्ध तरीके से फर्स को सोमवार से ही तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा घेरे के प्रथम हिस्से में केवल सादा वर्दी में ही फोर्स की तैनाती की गई है। इसमें एलआईयू और स्पेशल ब्रांच के कर्मी व अधिकारी तैनात रहेंगे। जानकारी के मुताबिक किसी सुरक्षाकर्मी को सम्मेलन कक्ष में जाने की अनुमति नहीं होगी। कक्ष के बाहर से पहरे की शुरुआत होगी। सम्मेलन कक्ष के बाद दूसरा घेरा वर्दीधारी फोर्स का रहेगा और उसके बाद पैरामिलिट्री व पीएसी के कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी होगी।
इधर पंतनगर हवाई अड्डे से रवानगी के बाद नया गांव, छोई, बैलपड़ाव और लखनपुर चौराहे पर मेहमानों का स्वागत पुष्प वर्षा से किया जाएगा। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों और फ्लीट पर पैनी नजर रखी जाएगी।
सीमा में घुसते ही शुरू हो जाएगा जीरो जोन
पंतनगर हवाई अड्डे से चलकर मेहमानों का काफिला जब नैनीताल जिले की सीमा में प्रवेश करेगा उसी समय ताज होटल तक के मार्ग को जीरो जोन में तब्दील कर दिया जाएगा। हालांकि इस दौरान एंबुलेंस और अग्निशमन व अन्य आपातकालीन वाहनों के आने-जाने की अनुमति होगी। वहीं जीरो जोन खत्म होने के बाद उस मार्ग पर कार, बाइक, व यात्री बसों को आने-जाने की इजाजत होगी। भारी व बड़े वाहनों की आवाजाही पर सुबह छह बजे से रात दस बजे तक प्रतिबंध रहेगा।