रुद्रपुर शहर का प्रमुख गांधी पार्क कईं बड़ी राजनीतिक रैलियों का गवाह रहा है। गांधी पार्क में हुई पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और स्व. वीपी सिंह की रैली के किस्से लोगों के बीच आज भी चर्चा में रहते हैं। आइये जानते हैं कुछ बातें...
रुद्रपुर शहर का प्रमुख गांधी पार्क कईं बड़ी राजनीतिक रैलियों का गवाह रहा है। गांधी पार्क में हुई पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और स्व. वीपी सिंह की रैली के किस्से लोगों के बीच आज भी चर्चा में रहते हैं। शहर के प्रमुख समाजसेवी जेबी सिंह बताते हैं कि वर्ष 1996 में लोकसभा चुनाव हो रहा था और अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन भी जोर-शोर से चल रहा था। इसी बीच गांधी पार्क में अटल बिहारी वाजपेयी की जनसभा थी। शानदार वक्ता को सुनने के लिए गांधी पार्क में सैलाब उमड़ा था।
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अटल बिहारी की सभा में राज्य आंदोलन में शामिल यूकेडी और अन्य लोगों ने विरोध कर काले झंडे दिखाने की कोशिश की थी। अटल बिहारी ने विरोध को सहजता से लेते हुए कहा था कि यह ऊधमसिंह नगर है, यहां तो उधम काटोगे भाई। काटने दो उधम, सब शांत हो जाएंगे। इसी तरह का एक किस्सा पूर्व पीएम स्व. वीपी सिंह की रैली का भी था। केंद्र सरकार से रक्षा मंत्री का इस्तीफा देने के बाद वीपी सिंह, अरूण नेहरू और मोहम्मद आरिफ खान गांधी पार्क आए थे। जब वीपी ने जनसभा में कहा था कि 'पनडुब्बी घोटाले को खोलने के बाद राजीव गांधी ने उनको अपने पास बुलाया था।
राजीव ने उनसे कहा था कि पनडुब्बी तो पानी के अंदर रहती है, उसे जमीन पर क्यों ले आए।' यह बात सुनते ही जनसभा में मौजूद लोग बोल पड़े...राजा नहीं फकीर है, देश की तकदीर है, राजा मांडा, फोड़ेगा सबका भांडा।