हल्द्वानी। चंदन तस्करों ने इस बार तिकोनिया वन परिसर में लगे चंदन के दो पेड़ काट दिए। तस्कर मंगलवार रात डीएफओ आवास से महज 50 और 100 मीटर दूरी पर लगे चंदन के दो पेड़ों को काटकर फरार हो गए। हैरानी की बात है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामले में जांच शुरू हो गई है।
तिकोनिया वन परिसर में तराई केंद्रीय वन प्रभाग के डीएफओ महातिम यादव का आवास और कार्यालय होने के साथ ही छकाता रेंज की वन क्षेत्राधिकारी शालिनी जोशी का भी दफ्तर है। उच्च अधिकारियों के आवास और दफ्तर होने से परिसर में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था का दावा भी किया जाता है, बावजूद तस्कर मंगलवार रात परिसर में घुसे और चंदन के दो पेड़ों को काटकर फरार हो गए। तस्करों ने एक पेड़ डीएफओ आवास से महज 50 मीटर और दूसरा 100 मीटर दूरी पर स्थित रेंजर शालिनी जोशी के दफ्तर के पास से काटा। बुधवार सुबह मामले का पता चलते ही वन अधिकारियों ने पुलिस को मामले से अवगत कराने के साथ ही विभागीय स्तर पर भी जांच शुरू की है।
मंगलवार रात वन परिसर से चंदन के दो पेड़ काटे गए हैं। इस संबंध में पुलिस विभाग के साथ मिलकर छानबीन की जा रही है। अगर कोई विभागीय अधिकारी, कर्मचारी इसमें लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वन क्षेत्राधिकारी छकाता रेंज को मामले की जांच सौंपी गई है।
महातिम यादव, प्रभागीय वनाधिकारी तराई केंद्रीय वन प्रभाग।
पहले भी चंदन के पेड़ों पर चली है आरी
सितंबर 2017 में भी तस्करों ने तिकोनिया परिसर से सप्ताह भर के भीतर चंदन के दो पेड़ काट दिए थे। हालांकि विभाग ने एक ही पेड़ काटने की बात स्वीकारी थी। इसके साथ ही हल्द्वानी में अन्य स्थानों पर भी तस्कर सक्रिय हैं। बीती जनवरी में तस्करों ने कठघरिया गांधी आश्रम चौकी के पास स्थित रामकृष्ण मंदिर परिसर से चंदन के दो पेड़ काटे। मई में कॉर्बेट म्यूजियम, कुसुमखेड़ा स्थित एक प्लॉट और फतेहपुर रेंज परिसर में भी तस्करों ने चंदन के पेड़ों पर आरी चलाई।
पेड़ काटने से पहले काटी लाइट
तिकोनिया वन परिसर में चंदन के पेड़ काटने से पहले तस्करों ने वर्कशॉप रोड स्थित गेट की लाइट को काटा। डीएफओ आवास से लगा होने के कारण इसी गेट पर एक रात्रि चौकीदार भी ड्यूटी पर रहता है। एक चौकीदार अंदर ड्यूटी करता है, लेकिन इसके बाद भी तस्कर अंदर घुसने के बाद पेड़ काटने में सफल रहे।
डंडे, और टार्च के सहारे तीन चौकीदार
तिकोनिया वन परिसर में चार गेट हैं और सुरक्षा व्यवस्था तीन चौकीदारों के जिम्मे है। इसमें से दो संविदा और एक नियमित है। डीएफओ आवास के साथ ही चारों गेटों की सुरक्षा के लिए इन चौकीदारों के पास महज एक-एक टार्च और लाठी का सहारा है। पखवाड़े भर पूर्व चोरों ने परिसर में बने शिव मंदिर से भी दान पात्र चोरी कर लिया था।