नैनीताल। उत्तराखंड वन विकास निगम ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक के एकल पीठ के आदेश को खंड पीठ के समक्ष चुनौती दी है। खंडपीठ ने एकल पीठ के अंतरिम आदेश को देखे बिना कोई फैसला करने से इनकार किया। मामले की सुनवाई के लिए शुक्रवार (आज) की तिथि नियत की गई है। बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
उत्तराखंड वन निगम ने हाईकोर्ट ने स्पेशल अपील दायर कर एकल पीठ के भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के आदेश को चुनौती दी थी। बीती बृहस्पतिवार को रिपुदमन सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट की एकल पीठ के समक्ष याचिका दायर कर उत्तराखंड वन विकास निगम की ओर से 24 सितंबर 2016 को जारी विज्ञापन को चुनौती देते हुए कहा था कि विज्ञापन में रखी गई शैक्षिक योग्यता नियमों के विरुद्ध है।
निगम ने चयन प्रक्रिया के लिए 20 नवंबर को ड्राइवर व निजी सहायकों, 26 नवंबर को असिस्टेंट लॉजिंग ऑफिसर, जूनियर असिस्टेंट और 27 नवंबर को लॉजिंग ऑफिसर और असिस्टेंट एकाउंटेंट के पदों पर चयन प्रक्रिया तय की थी। 20 अक्तूबर को वन विकास निगम ने बैठक कर चयन प्रक्रिया किसी अनुभवी एजेंसी से कराने का फैसला लेते हुए कार्य एसीई इंटीग्रेटेड सॉल्यूशन लिमिटेड नई दिल्ली की कंपनी को दे दिया।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि चयन प्रक्रिया किसी निजी कंपनी से नहीं कराई जा सकती है। चयन प्रक्रिया लोक सेवा आयोग से ही होनी चाहिए थी। एकल पीठ ने सुनवाई के बाद भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सरकार और वन निगम को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे।